पंचायत चुनाव के आखिरी चरण के मतदान के बाद बुधवार शाम शराब के नशे में धुत होकर लाठी-डंडों से लैस दलित समुदाय के दो गुटों में जमकर संघर्ष हो गया। इसमें दोनों पक्षों के कई लोगों के घायल हो गए। साथ ही पथराव में कार समेत घरेलू सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
बहादुरगढ़ के करीमपुर में पंचायत चुनाव के आखिरी चरण का मतदान संपन्न होते ही दलित समुदाय के दो गुटों में प्रधान पद के अलग-अलग प्रत्याशियों को वोट देने की बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो कुछ ही देर में भीषण संघर्ष में बदल गई।
सुनील और सुरेंद्र पक्ष के कई लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे से भिड़ गए, जिससे गांव में अफरातफरी और रास्तों से होकर आने जाने वालों में भगदड़ मच गई। संघर्ष में सुनील और वेदा तथा दूसरे पक्ष से सुरेंद्र उसका भतीजा सोनू और संदीप समेत कई लोग घायल हो गए।
बताया गया है कि लाठी-डंडे चलने के बाद सुरेंद्र पक्ष के लोगों ने सुनील के घर में घुसकर पथराव कर दिया, जिससे वहां खड़ी कार और खिड़की-दररवाजों समेत घरेलू उपयोग वाले सामान टूट फूट गया। खबर मिलते ही एसओ संजीव शुक्ला मौके पर पहुंच गए लेकिन तब तक आपस में झगड़ रहे दोनों पक्षों के लोग वहां से रफूचक्कर हो चुके थे।
दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे गुट से जुड़े कई लोगों के विरुद्ध थाने में तहरीर दी है। एसओ का कहना है कि घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है, जबकि झगड़ा फसाद करने वालों की तलाश कराई जा रही है। जिनके विरुद्ध केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।