धर्मस्थल के पुनर्निर्माण को लेकर संघर्ष होने के बाद गांव देवली में तीसरे दिन भी माहौल तनावपूर्ण रहा। अफसरों ने समिति की मीटिंग में शांति बहाली की चर्चा की। धर्मस्थल पुनर्निर्माण को लेकर दो समुदायों में पथराव होने के बाद से यहां तनाव व्याप्त है।
सिंभावली क्षेत्र के देवली में धर्म स्थल के पुनर्निर्माण को लेकर शुक्रवार को दो समुदायों के लोगों में पथराव में 11 लोग घायल हो गए थे। इसके मद्देनजर प्रशासन ने धर्मस्थल के पुनर्निर्माण पर रोक लगाई हुई है।
संघर्ष होने से दोनों समुदायों में तनातनी है। इसके चलते तीसरे दिन भी गांव में पुलिस तैनात रही। एसडीएम आरएन पांडेय, सीओ एसपी दूबे, एसओ दीक्षित त्यागी ने रविवार को गांव पहुंचकर 12 सदस्यीय कमेटी की मीटिंग ली।
यामीन, कलुवा, नेपाल, विजयपाल सिंह ने बताया कि दोनों समुदायों को माहौल बिगाड़ने वालों से सावधान रहने को कहा गया है। पथराव में 41 नामजद समेत सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
एसओ दीक्षित त्यागी ने बताया कि नामजद आरोपी अलाउद्दीन और धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। कमेटी के 12 सदस्यों ने रविवार को एसडीएम आरएन पांडेय और सीओ एसपी दूबे से गुहार लगाई कि पथराव में नामजद अधिकांश लोग बेगुनाह हैं।
अमनचैन और भाईचारे के लिए दोनों पक्षों की रिपोर्ट को निरस्त कर दिया जाए। एसडीएम और सीओ ने कहा कि पहला काम अमनचैन पटरी पर लाना है, रिपोर्ट निरस्त करने पर बाद में विचार किया जाएगा।
नमाज पर पाबंदी नहीं रहेगी
सीओ ने कहा कि दोनों समुदायों में धर्मस्थल के पुनर्निर्माण के पक्ष और विरोध को लेकर तनातनी हुई थी, लेकिन धर्मस्थल में नमाज अता किए जाने को लेकर कोई एतराज नहीं है। धर्मस्थल में नमाज अता होती रहेगी और रमजान के दौरान धर्मस्थल के पास बीट कांस्टेबल तैनात रहेगा।