सिंभावली तहसील के पीर नगर गांव में पूर्व प्रधान का अपहरण करने के बाद हत्या के मामले में गाजियाबाद की कोर्ट ने छह लोगों को उम्रकैद की जा सुनाई है।
कोर्ट ने सभी अभियुक्तों पर डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। इन छह अभियुक्तों में एक की उसके साथी हत्या कर दी थी। जबकि एक और अभियुक्त दो साल से लापता है।
ज्ञात हो कि सिंभावली तहसील क्षेत्र के गांव पीरनगर का पूर्व प्रधान चंद्रपाल गुर्जर 24 मई 2009 को सिंभावली में भर्ती अपनी बीमार पोती को रिलीज कराने गया था। उसी दिन वह लापता हो गया था।
परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन चंद्रपाल गुर्जर का कहीं पता नहीं चला। इसी दौरान उसका पड़ोसी गांव दत्तियाना का विनोद त्यागी किसी आपराधिक मामले में बुलंदशहर पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस की पूछताछ में उसने साथियों के साथ मिलकर पूर्व प्रधान चंद्रपाल का अपहरण कर हत्या के बाद शव को राहुल के खेत में दबाने का खुलासा किया था।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 30 मई, 2009 को चंद्रपाल गुर्जर का शव बरामद किया था। इसी आधार पर चंद्रपाल गुर्जर के बेटे ने कमल ने विनोद त्यागी, अजय कुमार, राहुल त्यागी, कपिल त्यागी, टीटू जाटव और अशोक बाल्मीकि के खिलाफ अपहरण एवं हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी।
गाजियाबाद की एडीजी तृतीय कोर्ट ने इस केस में अपना फैसला दे दिया है। उसने सभी आरोपियों को दोषी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
थप्पड़ बना था पूर्व प्रधान की हत्या की वजह
जमीनी विवाद को लेकर हो रही पंचायत में गाली-गलौज करने से गुस्साए गांव पीरनगर के पूर्व प्रधान चंद्रपाल गुर्जर ने राहुल त्यागी को थप्पड़ मार दिया था।
उसकी थप्पड़ का बदला लेने के लिए राहुल ने पांच साथियों के साथ मिलकर पूर्व प्रधान को अगवा किया और फिर हत्या कर दी थी।
पीरनगर गांव के पूर्व प्रधान चंद्रपाल गुर्जर ने गांव दत्यिाना के जंगल में स्थित कृषि भूमि 19 मई, 2009 में सत्यप्रकाश त्यागी को बिकवाई थी। इस पर राहुल त्यागी ने कब्जे का दावा किया था।
इस मामले में पंचायत बुलाई गई थी। भरी पंचायत में राहुल त्यागी ने चंद्रपाल गुर्जर से गाली-गलौज कर दी थी। इससे गुस्साए पूर्व प्रधान चंद्रपाल सिंह ने उसे भरी पंचायत में थप्पड़ जड़ दिया था।
इस अपमान से आहत राहुल त्यागी ने अपने साथियों कपिल त्यागी, अजय कुमार, टीटू जाटव, अशोक बाल्मीकि और विनोद त्यागी के साथ पूर्व प्रधान की हत्या करने की योजना बनाई।
सिंभावली के अस्पताल में भर्ती बीमार पोती की छुट्टी कराने आ रहे पूर्व प्रधान चंद्रपाल को इन लोगों ने रास्ते से ही अगवा कर लिया था। आरोपियों ने चंद्रपाल गुर्जर को दो गोली मारने के बाद धारदार हथियार से गर्दन काटकर राहुल के खेत में ही शव दबा दिया था।
बुलंदशहर पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर विनोद त्यागी ने घटनाक्रम का खुलासा किया गया था। चंद्रपाल गुर्जर की घड़ी और मोबाइल भी जंगल से बरामद हुए थे।
कपिल की दोस्त राहुल ने की हत्या
दत्तियाना गांव का ग्राम प्रधान पद पिछड़ी जाति के लिए रिजर्व था। कपिल त्यागी ने अपने खेमे से मुश्ताक मलिक को चुनाव मैदान में उतारा था।
मलिक की जीत से कपिल त्यागी की सियासत में गांव में चलने लगी। गैंग में कपिल त्यागी ने राहुल त्यागी के वर्चस्व को कम करने के लिए उसके कब्जे में चल रही ग्राम समाज की करीब 18 बीघा सरकारी भूमि को मुक्त कराकर जूनियर हाईस्कूल के नाम कर दी।
उस पर मिट्टी का भराव भी शुरू करा दिया था। इससे गुस्साए राहुल ने 16 मार्च 2013 को सरेशाम कपिल त्यागी के उसके घर पर गोलियां बरसाकर मार दिया।
हत्यारोपी राहुल इस बात से भी खफा था कि कपिल उससे जेल में मिलने नहीं पहुंचा था। कपिल त्यागी हत्याकांड में भी कोर्ट ने राहुल त्यागी को आजीवन कारावास की सजा दी थी।