चेकिंग के नाम पर जनता के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को सपाइयों ने एसपी ऑफिस पर जमकर हंगामा किया। ज्ञापन लेेने के लिए एसपी के कार्यालय से बाहर न आने पर कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ गया।
भड़के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ आंदोलन का एलान किया है। इसके मद्देनजर शुक्रवार को कार्यकर्ताओं की आपात बैठक बुलाई गई है। बृहस्पतिवार को सपा विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी तेजपाल प्रमुख के नेतृत्व में दर्जनों सपा कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे।
वहां कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर जनता के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। ज्ञापन देने के लिए कार्यकर्ताओं ने एसपी अलंकृता सिंह को कार्यालय से बाहर बुलाया। एसपी के कार्यालय से बाहर आने से मना करने पर कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ गया और वह हंगामा करने लगे।
सपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि इससे पहले भी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से जनता के उत्पीड़न के बारे में वार्ता हो चुकी है लेकिन पिछले दो महीनों से चेकिंग के नाम पर जनता से पैसे की उगाही की जा रही है।
इसका सबूत दो दिन पूर्व एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ा दरोगा नेपाल सिंह है। इस प्रकार की घटनाओं से सपा सरकार की छवि धूमिल हो रही है। शुक्रवार को जिला सपा कार्यालय पर एक आपात बैठक बुलाई जा रही है।
इसमें पुलिस के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही एक प्रतिनिधि मंडल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से भी मिलेगा। जनता का उत्पीड़न किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में संजय यादव, जहीर पहलवान, अली मुर्तजा, श्यामसुंदर भुर्जी, लईक अहमद, रविंद्र चेयरमैन, रूपचंद यादव, अंजू गर्ग आदि मौजूद रहे।
लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। हंगामे के दौरान मैं कार्यालय में लोगों की शिकायतें सुन रही थी। कार्यकर्ताओं को कार्यालय आकर ज्ञापन देने को कहा गया था लेकिन वह नहीं आए। अलंकृता सिंह, एसपी