सिंभावली में हाईवे पर ट्रक चालक से लूटपाट के मामले में गिरफ्तार एडीएम की कार के चालक की पत्नी ने सिंभावली पुलिस पर पति को जबरन मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। वहीं, गाड़ी मालिक ने भी एक अधिकारी व सिंभावली पुलिस पर खनन माफियाओं से साठगांठ का आरोप लगाया है।
दोनों ने मामले की शिकायत एसपी से की है। एसपी ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि 10 सितंबर की रात सिंभावली थाना क्षेत्र में नीली बत्ती लगी कार के चालक व होमगार्डों पर एक ट्रक चालक ने मोबाइल व नगदी लूटने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने चालक चेतन व विवेक को गिरफ्तार कर ली थी। सोमवार को चेतन की पत्नी ने आईजी से शिकायत की है कि उसके पति आठ वर्ष से सरकारी अफसरों की गाड़ियां चला रहे हैं। 12 सितंबर को उसके पति को सिंभावली पुलिस ने उठा लिया। उसे छोड़ने की एवज में पुलिस ने 80 हजार रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद फर्जी रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया।
वहीं, कार मालिक ने एसपी से शिकायत की है कि एसडीएम के अवकाश पर होने के चलते कार एक वरिष्ठ अधिकारी के पास थी। 10 सिंतबर को वह बुखार से पीड़ित था। तभी संबधित अधिकारी का फोन आया तो उसने अपने भाई विवेक को कार देकर अधिकारी के आवास पर भेज दिया।
कार में विवेक व कार चालक चेतन सहित चार लोग सवार होकर खनन की सूचना पर सिंभावली क्षेत्र में पहुंचे लेकिन खनन माफिया भाग गए। जबकि ट्रक चालक के साथ मारपीट की गई।
उसके बाद सिंभावली पुलिस व वरिष्ठ अधिकारी की मिलीभगत से पुलिस ने विवेक, चेतन व उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दिया गया। पीड़ित ने फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है।
एसपी अलंकृता सिंह ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।