बदरखा गांव में हुई ऑनर किलिंग के मामले में पुलिस ने सोमवार देर रात हत्यारोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से आला ए कत्ल बरामद कर लिया। हापुड़ कोर्ट ने आरोपी को जूडिशियल कस्टडी में डासना जेल भेज दिया है। पुलिस के द्वारा पूछताछ के दौरान हत्यारोपी को बहन की हत्या करने पर कोई पछतावा नहीं है।
चाल चलन को लेकर कई दिनों से शक करते आ रहे राज मिस्त्री नानक जाटव के छोटे बेटे गौरव ने समाज में बदनामी के डर से गांव के निजी स्कूल में कार्यरत अध्यापिका बहन सुषमा की रविवार रात गला काट कर हत्या कर दी थी।
घटनाक्रम का खुलासा होने के बाद पुलिस की गिरफ्त में उसने सारी हकीकत बयान की। उसने बताया कि देर रात उठने पर उसे एक युवक घर से बाहर जाता दिखाई दिया था, जिससे वह बुरी तरह नाराज हो गया था। उसने कई बार सुषमा को इसके लिए मना किया था लेकिन वह नहीं मानी।
इसलिए उसने उसकी हत्या कर दी थी। सोमवार रात पुलिस आरोपी को उसके घर लेकर पहुंची, जहां उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खून से सना चाकू बरामद कर लिया। मंगलवार सुबह पुलिस आरोपी को सीजेएम कोर्ट में पेश करने के लिए हापुड़ को लेकर गई।
इंस्पेक्टर समरजीत सिंह ने बताया कि हत्यारोपी गौरव की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया है। हापुड़ कोर्ट ने आरोपी को जूडिशियल कस्टडी में डासना जेल भेज दिया है।
वारदात के बाद एक ओर घर में सन्नाटा पसरा है। वहीं पांच साल की मासूम वसु बार-बार मां से यही सवाल पूछ रही है कि मां बुआ ठीक होकर घर कब आएगी। चाचा को पुलिस अंकल कब लेकर आएंगे। वसु मृतका सुषमा और हत्यारोपी गौरव दोनों की दुलारी थी। उन दोनों की कमी वसु को बेहद खल रही है।