बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सेहल के प्रधानपति अमित उर्फ तीतर की हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया कर एक तमंचा बरामद किया है। पुलिस का दावा कि डेढ़ लाख रुपये नहीं देने पर अमित की हत्या की गई थी। पुलिस हत्याकांड में शामिल दो लोगों की तलाश कर रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक डा. ओपी सिंह ने बताया कि दो मार्च को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सेहल के प्रधानपति अमित उर्फ तीतर मेरठ बाइक से गया था। पुलिस को उसकी बाइक और हेलमेट गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्लाबख्शपुर के पास मिली थी। इस मामले में अमित के भाई देवेंद्र कुमार ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था।
तीन मार्च को अमित कुमार का शव थाना बहसूमा जिला मेरठ से बरामद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या की धारा में मामला दर्ज कर लिया था। जांच के दौरान कुछ नाम प्रकाश में आए थे। इसके बाद पुलिस ने हत्याकांड के खुलासे के लिए काम करना शुरू कर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शनिवार को बहादुरगढ़ थाना प्रभारी अखिलेश कुमार को सूचना मिली कि प्रधानपति अमित कुमार की हत्या में शामिल बदमाश लुहारी चौराहा के पास किसी वारदात को अंजाम देने के लिए आ रहे हैं। इस पर पुलिस ने एसओजी की मदद से दो आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों के पास से एक तमंचा, चार जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
पकड़े गए बदमाश अमित उर्फ सोनू उर्फ एमडी निवासी ग्राम नगला अटोर थाना सिहानी गेट गाजियाबाद हाल निवासी जेजी कालोनी गंगानगर मेरठ और नीटू उर्फ महाराज सिंह निवासी चांद समन्द थाना खतौली जिला मुजफ्फरनगर हैं।
पुलिस ने बताया कि आदित्य उर्फ भूरा निवासी खेड़ी सराय थाना मीरापुर जिला मुजफ्फरनगर और गौतम उर्फ लीलू निवासी सिखैड़ा थाना इंचौली जिला मेरठ फरार हैं। पूछताछ में अमित ने बताया कि उसने कुछ समय पहले अमित उर्फ तीतर को प्रधानी के चुनाव में डेढ़ लाख रुपये उधार दिये थे। बार-बार तगादा करने के बाद भी अमित रुपये वापस नहीं कर रहा था।
उसने अमित को अपनी स्टीम कार में अगवा कर लिया था और मेरठ जाकर उसे गोली मार दी और शव को बहसूमा के पास फेंक दिया था। पकड़े गए नीटू उर्फ महाराज के खिलाफ लूटपाट के दो-तीन मामले खतौली और आसपास के थाने में दर्ज है।