रामगढ़ी मोहल्ले में एक प्लॉट में बने सेफ्टी टैंक में गिरने से आठ वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। हादसा खेलने के दौरान हुआ। आबादी के बीच खुला टैंक होने के विरोध में मोहल्ले के लोगों में आक्रोश पनप गया।
पुलिस के पहुंचने पर दादा ने कार्रवाई से इंकार कर दिया। हादसे से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मोहल्ला रामगढ़ी में स्थित एक प्लॉट में बने सेफ्टी टैंक में पानी भरा हुआ था। \
बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे सुंदर का आठ वर्षीय पुत्र रोनित अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह टैंक में गिर गया। तेज गर्मी के कारण सभी लोग अपने घरों में थे, इसके चलते डूब रहे बच्चे की चीख पर किसी का ध्यान नहीं गया।
रोनित को डूबता देख साथ खेल रहे बच्चे भी भाग निकले। केवल उसकी तीन वर्षीय बहन चांदनी वहां बिलखती रह गई। भाई को डूबते देख वह अपने ताऊ के पास पहुंची, लेकिन उसने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया। इस पर वह वहीं जाकर बैठ गई और रोने लगी।
बताया गया है कि दोपहर करीब तीन बजे मोहल्ले के लोगों ने चांदनी को रोते देखकर उससे पूछताछ की तो उसने टैंक की ओर इशारा किया। तभी लोगों ने रोनित की लाश को टैंक में तैरते देखा। सूचना पर परिवार और पूरे मोहल्ले के लोग एकत्रित हो गए। बेबस दादा कलुआ अपने पोते के शव को देखकर फूट-फूट कर रो रहा था।
खुले सेफ्टी टैंक में पानी भरे जाने के विरोध में मोहल्लेवासियों का आक्रोश फूटने लगा। मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे सीओ शैलेंद्र सिंह राठौर ने जांच की। उन्होंने बताया कि परिवार के लोगों ने कार्रवाई से इंकार किया है।