अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने ढाई माह की गर्भवती महिला की दहेज न मिलने से हत्या के मामले में पति, सास-ससुर को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा दी है। उन पर 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश तोमर ने बताया कि मेरठ के थाना भावनपुर के सिवाल गांव निवासी धर्म सिंह ने अपनी पुत्री बबली की शादी 27 अप्रैल 2013 को सिंभावली जिला हापुड़ के भगवानपुर गांव के सुभाष से की थी।
विवाह में उचित दहेज नहीं मिलने से ससुराली बबली का उत्पीड़न करते थे। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। शादी के करीब तीन महीने बाद दहेज में 50 हजार रुपये और बाइक की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने बबली की फंदा लगाकर हत्या कर दी।
उस समय बबली गर्भवती थी। मामले में धर्म सिंह ने पति सुभाष, ससुर चमन और सास सुमन के खिलाफ दहेज हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से तीनों जेल में हैं।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार त्यागी ने पति, ससुर और सास को दोषी पाया। तीनों को 10-10 साल कठोर कारावास और 12-12 हजार रुपये अर्थदंड दिया। जुर्माना नहीं देने पर पांच-पांच माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।