धौलाना थाना क्षेत्र के बड़ौदा सिहानी गांव में रविवार दोपहर प्रधानी चुनाव में वोट नहीं डालने पर दो प्रत्याशियों के समर्थकों में संघर्ष हो गया। जिसमें तीन लोग घायल हो गए।
दोनो पक्षों में फायरिंग करने का भी आरोप है। तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के 13 लोगों को हिरासत में लिया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार बड़ौदा सिहानी गांव में शनिवार को प्रधानी का चुनाव हुआ था। एक पक्ष से युसूफ अली की पत्नी और दूसरे पक्ष से जावेद अकरम गुड्डू की पत्नी प्रत्याशी हैं।
रविवार को यूसुफ का समर्थक फरमान और गुड्डू पक्ष के अफजल के बीच अपने प्रत्याशी को वोट नहीं देने पर झगड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि अफजाल पक्ष की ओर से काफी संख्या में लोग पहुंच गए।
उन्होंने फरमान के साथ मारपीट की। शोर सुनकर फरमान का बेटा खालिद आया तो उससे भी मारपीट की गई। गांव में शोर मचा तो आरोपियों ने हवाई फायरिंग कर दहशत फैला दी। मारपीट में तीन लोग घायल हुए हैं।
फायरिंग और मारपीट की सूचना पर धौलाना, बाबूगढ़ और हाफिजपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के 13 लोगों को हिरासत में ले लिया। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया।
सीओ पिलखुवा डा. प्रवीन रंजन का कहना है कि वोट को लेकर गांव में मारपीट हुई थी। मामले की जांच की जा रही है। फायरिंग होने का आरोप निराधार है।
सबली में चुनावी संघर्ष में छह घायल
प्रधान चुनाव के लिए मतदान समाप्त होने के बाद रविवार को कोतवाली क्षेत्र के सबली गांव में दलित और त्यागी समाज के लोग भिड़ गए। जिसमें दोनों पक्षों के छह लोग घायल हो गए।
सबली गांव में प्रधान पद की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। त्यागी समाज के लोगों ने वाल्मीकि समाज की महिला को प्रत्याशी बनाया था।
शुक्रवार को वाल्मीकि समाज की महिला प्रत्याशी ने एएसपी से मिलकर शिकायत की थी कि दूसरा प्रत्याशी उनके मतदाताओं को धमका रहा है।
रविवार सुबह पूर्व प्रधान बिजेंद्र त्यागी का पुत्र नीटू अपने खेत पर जा रहा था। आरोप है कि दलित समाज के लोगों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया।
उधर, घर पर महिलाओं से अभद्रता की गई। वहीं दलित समाज के सतीश, प्रदीप, बबलू और एक अन्य का आरोप है कि त्यागी समाज के लोगों ने उन पर हमला किया। जिसमें सतीश को काफी चोट आई हैं। पुलिस ने मामले को शांत कराया।
पुलिस ने दलित लोगों को कोतवाली लाई, लेकिन घंटों बाद भी उनका मेडिकल चेकअप नहीं कराए जाने पर उनमें आक्रोश पनप गया।
वे एसपी आवास पहुंच गए। सीओ सिटी विशाल यादव ने बताया कि गांव में प्रदीप और नीटू पक्ष के बीच विवाद हुआ है।