बीमार पत्नी के इलाज के लिए लोन लेने गए एक व्यक्ति के साथ सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के मैनेजर ने धोखाधड़ी से किसी दूसरे के नाम पर भी लोन दे दिया। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में प्रबंधक समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जसरूपनगर निवासी मेघश्याम सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी सरोज देवी बीमार चल रही है। पत्नी के उपचार के लिए उसे एक लाख रुपये की आवश्यकता थी। मोहल्ला सिद्धार्थ नगर निवासी नरेश कुमार का उसके घर पर आना जाना था।
जिसने अपनी जानकारी सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की गोयना ब्रांच के मैनेजर से होने की बात कही और लोन आसानी से दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही उसकी पत्नी के नाम मकान का बैनामे की कॉपी बतौर बैंक में देने की जानकारी दी थी।
पीड़ित ने बताया कि जब वह बैंक मैनेजर से मिले तो उन्होंने गारंटर के तौर पर बैंक में बैनामा रख लिया और एक लाख रुपये लोन दे दिया, जिसकी वह किश्त बराबर बैंक में जमा करता रहा है।
अप्रैल में वह शेष किश्त जमा करने और बैंक में जमा अपना बैनामा लेने के लिये पहुंचा तो बैंक मैनेजर ने उसके साथ अभद्रता की। साथ ही उसे नरेश से मिलने के लिये कहा। जब उसने नरेश से मिलने से इंकार कर दिया
तो शाखा प्रबंधक ने उसे बताया कि नरेश और उसके पुत्र सन्नीकांत ने उनके बैनामा पर ही एक-एक लाख का लोन लिया है और जब तक वह लोन की रकम वापस नहीं कर देते तब तक वह बैनामा के कागज वापस नहीं करेगा।
एसएचओ वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने शाखा प्रबंधक कमलकांत शर्मा, नरेश कुमार, सन्नीकांत, रविकांत व मुलांशु के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।