गन प्वाइंट पर बृहस्पतिवार रात तीन युवकों ने विदेश मंत्रालय के पूर्व प्रोटोकाल अफसर डीएस वर्मा (75) का गांव मुकीमपुर-भगवंतपुर मार्ग पर गन्ना सेंटर के पास से अपहरण कर लिया। घटना के 24 घंटे बीतने के बाद भी गढ़मुक्तेश्वर और गजरौला पुलिस सीमा विवाद में उलझी हुई है।
मामले की रिपोर्ट अभी तक दर्ज नहीं हुई है। पुलिस परिजनों को कभी गढ़मुक्तेश्वर तो कभी गजरौला भेज रही है। जानकारी के मुताबिक, उदयचंद मार्ग नई दिल्ली निवासी पूर्व प्रोटोकाल अफसर डीएस वर्मा का गढ़ क्षेत्र से लगे जनपद अमरोहा के गुलालपुर गांव में फार्म हाउस है।
5500 बीघे जमीन में वह वहां खेतीबाड़ी का कार्य कराते हैं। बृहस्पतिवार रात वह अपनी कार से एक परिचित के यहां मेरठ के मिस्रीपुर गांव गए थे। वहां से लौटते समय गढ़-चौपला स्थित रोडवेज डिपो के पास तीन लोग उनसे मिले और कुछ बातचीत की।
बताया जा रहा है कि डीएस वर्मा तीनों युवकों से जनपद अमरोहा के गांव शहबाजपुर में अपने नौकर सहविंद्र के घर होकर आने के बाद उनसे मिलने की बात कह कर वहां से चले गए। सहविंद्र के घर से लौटने के बाद तीनों युवकों को रास्ते में देखकर कार में बिठा लिया। उसके बाद वह अपने परिचत को छोड़ने मेरठ के मिस्रीपुर गांव चले गए।
लौटते समय रास्ते में तीनों युवकों ने गांव मुकीमपुर-भगवंतपुर मार्ग पर गन्ना सेंटर के पास डीएस वर्मा की रिवाल्वर छीन ली और गन प्वाइंट पर कार समेत उन्हें अगवा कर लिया। डीएस वर्मा के शोर मचाने पर गन्ना सेंटर के पास मौजूद किसान उधर दौड़े मगर तब तक आरोपी कार लेकर भाग गए।
डीएस वर्मा के बेटे ध्रुव और विशाल ने बताया कि शुक्रवार को वह गढ़ के पूर्व चेयरमैन कृष्णवीर गब्बर और कुलपुर प्रधान संजीव त्यागी समेत कई लोगों को साथ गढ़ कोतवाली पहुंचे, कई घंटे वार्ता करने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी और घटनाक्रम को गजरौला थाने से जुड़ा बता उन्हें लौटा दिया। गजरौला पुलिस ने भी मामला गढ़ क्षेत्र का बता उन्हें बिना रिपोर्ट दर्ज किए लौटा दिया। दोनों बेटों ने पिता की जान को खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जिस स्थान पर घटनाक्रम हुआ है, वह गढ़ कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा नहीं है। मामला गजरौला के क्षेत्र का है वहीं की पुलिस मामले में कार्रवाई करेगी। - समरजीत सिंह, कोतवाल गढ़
गांव गुलालपुुर गजरौला क्षेत्र से जुड़ा है। मुकीमपुर में घटनाक्रम हुआ है, वह गढ़ क्षेत्र से जुड़ा है। इसलिए वहीं की पुलिस कार्रवाई और रिपोर्ट दर्ज करेगी। - प्रवीण सिंह, गजरौला थाना प्रभारी
इराक युद्ध के दौरान भारतीयों को निकाला था सुरक्षित
अगवा हुए पूर्व प्रोटोकाल अफसर डीएस वर्मा कुवैत, दुबई, शरजाह, आबूधाबी, बहरीन, इरान, इराक, सऊदी अरब समेत खाड़ी से जुड़े अधिकांश देशों में तैनात रहे थे। बेटे ध्रुव ने बताया कि 1990 में अमेरिका से हुए युद्ध के दौरान उसके पिता इराक में तैनात थे, जिन्होंने वहां नौकरी करने वाले सभी भारतीयों को सुरक्षित ढंग में निकलवाकर देश में भिजवाया था। इसके बाद स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लिया था। रिटायरमेंट के बाद वह गंगा किनारे गांव गुलालपुर में कृषि फार्म खरीदकर उसमें खेतीबाड़ी कराते आ रहे थे।