पिलखुवा कोतवाली पुलिस की लापरवाही से गांव रघुनाथपुर और पूठा के जंगल में लगे 22 ट्यूबवेल 16 दिन से ठप पड़े हैं। 31 जनवरी को चोरों ने इस क्षेत्र में छह किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइन के तार चोरी कर लिए थे।
संबंधित जेई के तहरीर देने के बावजूद भी पुलिस ने आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। कानूनी कार्रवाई के बिना पावर कारपोरेशन के अफसर ग्रामीणों को राहत नहीं दिला पा रहे हैं। वहीं, नलकूप नहीं चलने के चलते किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि, 31 जनवरी को विद्युत तार चोरी करने वाले गिरोह के सदस्यों ने गांव रघुनाथपुर के जंगल से छह किलोमीटर हाईटेंशन लाइन का तार चोरी कर लिया था। इससे रघुनाथपुर और पूठा गांव के जंगल में लगे 22 ट्यूबवेल की आपूर्ति बाधित हो गई।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे जेई संजय शर्मा ने पिलखुवा कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी। आश्चर्य की बात यह है कि 16 दिन बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। पावर कारपोरेशन के कर्मचारी रोजाना कोतवाली के चक्कर लगा रहे हैं,
लेकिन समस्या जस की तस है। आलम यह है कि गेहूं की फसल की सिंचाई न होने से किसान खासे परेशान हैं। जेई संजय शर्मा ने बताया कि 1 फरवरी को उन्होंने कोतवाली पिलखुवा में लाइन चोरी होने के संबंध में तहरीर दी थी।
अभी तक भी एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी है, ऐसे में वह लाइन को खिंचवा नहीं पा रहे हैं। वहीं, सीओ अतुल यादव ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।