दहेज हत्या के मामले में अभियुक्त पति को एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सात साल कैद की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया है। पुलिस कस्टडी में अभियुक्त पति को जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार अलीगढ़ के सलेमपुर गांव निवासी मोहर लाल ने अपनी बेटी सुनीता की शादी 21 फरवरी 2006 को धौलाना के गांव छज्जुपुर निवासी नरेंद्र पुत्र त्रिलोकी के साथ की थी।
उनका आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग की जाने लगी। दहेज की मांग पूरी न होने पर नरेंद्र और उसके परिजनों ने मारपीट कर सुनीता पर केरोसिन का तेल डालकर आग लगा दी।
सुनीता की अस्पताल में मौत हो गई। मृतका के पिता ने पति सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उक्त मामला एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत में विचाराधीन था।
बृहस्पतिवार को एडीजे चंद्रपाल द्वितीय ने नरेंद्र को दोषी मानते हुए सात साल कैद की सजा दी और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। नरेंद्र घटना के बाद से ही जेल में है।