जिले की पुलिस आधुनिक संसाधनों से लैस हो रही है। ऐसे में पुलिस को नए कंट्रोल रूम भवन की भी जरूरत है। कंट्रोल रूम के लिए पुलिस अधिकारियों ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
इसके लिए एक हजार वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होगी। कंट्रोल रूम बनने के बाद वहां कार्यरत पुलिस कर्मियों को राहत मिलेगी। जमीन चिन्हित कर उसका बजट बनाकर मुख्यालय को भेज दिया जाएगा।
हापुड़ को गाजियाबाद से अलग हटकर जिला बने हुए पांच वर्ष बीत चुके हैं। अभी तक जिला पुलिस को अपना भवन नहीं मिल सका है। पुलिस का अस्थाई भवन डायट परिसर में चल रहा है।
स्थाई भवन बनने की शुरूआत आनंद विहार में हो चुकी है, लेकिन अभी तक पुलिस को जिला कंट्रोल रूम के लिए जमीन नहीं मिला है। कंट्रोल रूम के भवन के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
कंट्रोल रूम के लिए लगभग एक हजार वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होगी। अभी तक कंट्रोल रूम अलग अलग दो स्थानों पर चल रहा है। जिसमें कंट्रोल रूम तो तहसील परिसर व 100 नंबर कोतवाली परिसर में चल रहा है।
यहां चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का भी कंट्रोल रूम है। ऐसे में अलग अलग स्थानों पर कंट्रोल रूम होने से पुलिस कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार घटना होने पर सूचनाओं की देरी से बदमाश भी भाग जाते हैं।
ऐसे में एक ही भवन में कंट्रोल रूम संचालित करने के लिए पुलिस विभाग ने तैयारी शुरू कर दी हैं। कंट्रोल रूम के लिए अधिकारियों की प्राथमिकता जिला पुलिस भवन के पास ही जमीन मिलना है।
जमीन के चिन्हित होने के बाद बजट बनाकर मुख्यालय को भेज दिया जाएगा। एसपी अलंकृता सिंह का कहना है कि जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन मिलने पर भवन का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।