परिवहन विभाग भी एडवांस तकनीक से लैस हो गया है। हालांकि फिलहाल इस तकनीक का लाभ हर नौवें दिन ही मिल पाएगा। परिवहन विभाग को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस इटरसेप्टर कार मिली है, इससे ओवर स्पीड वाहनों के चालान भी आसानी से हो सकेंगे।
परिवहन विभाग द्वारा मेरठ और सहारनपुर मंडल के लिए एक इंटरसेप्टर वाहन दिया गया है। इस वाहन की खासियत है कि यह लेजर गन जैसे अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। इसमें अत्याधुनिक कैमरे लगे हैं जो दिन और रात दोनों में एकसमान काम करते हैं।
सड़क किनारे खड़ा यह वाहन सड़क से गुजरते हाई स्पीड वाहनों को कैमरों के माध्यम से परख लेगा और लेजर गन से दूर तक का फोटो क्लिक हो जाएगा। इसके बाद कार चालक को डाक से चालान उसके घर पर भेज दिया जाएगा।
इसके अलावा एल्कोहल की मात्रा जानने के उपकरण भी इस कार में मौजूद रहेंगे। हालांकि शुरूआत में मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों को यह एक कार ही मिली है। जो हर नौवें दिन जिले में कार्य कर सकेगी। इस कार में लगे अत्याधुनिक उपकरणों के लिए 15 दिसंबर में सभी एआरटीओ को बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया है।
एआरटीओ प्रणव झा ने बताया कि फिलहाल नौ जिलों को एकमात्र वाहन मिला है, लेकिन इसकी तकनीक काफी एडवांस है। इससे निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। जल्दी ही जरूरत के अनुसार ऐसे वाहनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।