ब्रजघाट में गंगा स्नान के दौरान बहे बालक गौरव का शव तीन दिन बाद मल्लाहों ने पूठ के पास से बरामद कर लिया है। बेटे का शव देख परिजन बिलख उठे। वे बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने साथ ले गए।
हरियाणा के सोनीपत के गांव शेरशाह के रहने वाले देवेंद्र मान परिवार के साथ दिल्ली के पालम क्षेत्र में रहते हैं। वह व्यापारी हैं। मंगलवार को वे पत्नी सुमन, इकलौते बेटे गौरव (10), सास सुमंतरा, सलज हेमा और साले जयदीप के साथ ब्रजघाट तीर्थनगरी में आए थे। यहां उन्हें फाल्गुन अमावस्या पर दिवंगत पितरों के तर्पण का अनुष्ठान कराना था।
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जयदीप अपने तीन वर्षीय बेटे और भांजे गौरव के साथ गंगा में स्नाना कर थे। इसी दौरान गंगा के तेज बहाव में गौरव बह गया। जयदीप ने उसे डूबता देख शोर मचाया लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण गोताखोर और नाविक पानी में नहीं कूदे। देखते ही देखते गौरव आंखों से ओझल हो गया था। तीन दिन की तलाश के बाद मल्लाहों ने पूठ के पास से गौरव का शव बरामद कर लिया। जैसे ही माता-पिता ने बेटे का शव देखा वे बिलख उठे।
गौरव दो बहनों का इकलौता भाई था। वह गुड़गांव के स्कूल में पढ़ता था। इकलौते बेटे को खोने पर माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मां सुमन और पिता देवेंद्र मान ने बिलखते हुए बताया कि यदि गौरव ब्रजघाट आने की जिद न करता तो आज उनका बेटा जीवित होता।
चौकी इंचार्ज बीएस सोलंकी ने बताया कि तीन दिन बाद गंगा में बहे किशोर गौरव का शव बरामद कर लिया गया है। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने साथ ले गए हैं।