नोट बंदी के बाद पुराने नोटों का चलन भले ही बंद हो गया हो लेकिन जमाखोर अब भी काली कमाई दबाए बैठे हैं। रविवार शाम नोट बदलने के झांसे में आकर करीब 50 लाख रुपये के पुराने नोटों के साथ पिलखुवा पहुंचे पांच लोगों को पुलिस ने दबोच लिया।
पुलिस और इनकम टैक्स के अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं। एसपी कार्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि रविवार शाम पिलखुवा पुलिस को सूचना मिली कि एक कार में कुछ संदिग्ध लोग घूम रहे हैं।
इसके बाद पिलखुवा के थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक त्यागी ने पुलिस टीम की मदद से घेराबंदी कर पांचों संदिग्ध लोगों को कार सहित दबोच लिया। कार की तलाशी लेने पर उसमें 50 लाख 50 हजार की पुरानी करेंसी मिली। इनमें 47 लाख एक-एक हजार व बाकी पांच-पांच सौ के पुराने नोट थे।
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान सन्नी, रुपेश, पप्पू निवासी दिल्ली, अनिल निवासी फरीदाबाद व विनोद निवासी मेरठ बताया है। उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्राथमिक जांच में पता चला है कि इन लोगों को कमीशन पर नोट बदलने का झांसा देकर दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने यहां बुलाया था।
लेकिन वह ऐन वक्त पर नहीं आया और इन लोगों के पिलखुवा पहुंचने पर इन्हें बरगलाता रहा। जिसके कारण काफी देर तक आरोपी पिलखुवा में इधर-उधर भटकते रहे थे। संदिग्ध हालत में घूमते देख किसी ने इनकी सूचना पुलिस को दे दी थी।
एसओ दीपक त्यागी ने बताया कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और किस प्रकार इसे बदलने का झांसा दिया जा रहा था। इस मामले की जांच की जा रही है। इस संबंध में सीओ अतुल यादव ने भी आरोपियों से पूछताछ की है।