मृतक आश्रित कोटे में नौकरी न मिलने से खफा एक बहादुरगढ़ के एक युवक ने सीएम आवास के पास आत्मदाह करने की धमकी दी है। इससे संबंधित पत्र सीएम कार्यालय पहुंचने पर हड़कंप मच गया।
सोमवार को दिनभर पुलिस युवक को तलाशती रही। शाम को गांव से ही एक शादी समारोह से युवक को दबोच लिया गया। अब पुलिस उससे पूछताछ करने में लगी है।
मूलरूप से गढ़ तहसील के गांव बहादुरगढ़ में रहने वाले भूपसिंह के बेटे सुभाष ने पिछले दिनों सीएम कार्यालय को एक पत्र भेजा। जिसमें लिखा कि उसका भाई अतरसिंह मेरठ मेडिकल कॉलेज में वार्ड ब्वॉय के पद पर तैनात था।
उसकी कई साल पहले मौत हो गई थी। आश्रित के रूप में उसकी पत्नी रजनी को नौकरी मिली थी, लेकिन कुछ दिन बाद उसकी भी मौत हो गई थी।
सुभाष का कहना है कि भाई और भाभी निसंतान थे, लेकिन अब गोमती नाम की एक महिला खुद को अतरसिंह की दूसरी पत्नी बताकर पेंशन और फंड के पैसे पर हक जता रही है।
विधिक रूप में वह मृतक भाई और भाभी का असली वारिस है, लेकिन उसे आश्रित कोटे में नौकरी तथा फंड के पैसे समेत अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही।
सुभाष का कहना है कि संबंधित अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटकर वह थक चुका है, अब उसके सामने आत्मदाह के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
इसलिए वह सीएम आवास के पास आत्मदाह करेगा। इस धमकी भरे पत्र के बाद लखनऊ प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बहादुरगढ़ पुलिस युवक की तलाश में जुटी गई।
डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय ने बताया कि सोमवार शाम मुखबिर ने सूचना दी कि बहादुरगढ़ में आयोजित एक शादी-समारोह में सुभाष भी आया है।
इसके बाद पुलिस ने घेरकर उसे दबोच लिया। सुभाष के रिश्ते के भतीजे की शादी थी। एसओ अखिलेश कुमार का कहना है कि दिनभर सुभाष में पुलिस दौड़ती रही, लेकिन वह शाम को पकड़ में आया।