डिजिटल मार्केटिंग कंपनी के क्लिक कारोबार से लखपति बनने का सपना देख रहे जिले के सैकड़ों लोगों के अब पसीना आ रहा है, क्योंकि सोशल ट्रेड के बाद भी जिले में सक्रिय एक और कंपनी ने निवेशकों के खातों में 2 फरवरी से पैसा भेजना बंद कर दिया है।
ऐसे में इस कंपनी से जुड़े शहर व देहात के लोगों की नींद उड़ने लगी है। उल्लेखनीय है कि सोशल ट्रेड पर एसटीएफ की सर्च से पहले ही उक्त डिजिटल कंपनी ने निवेशकों के बैंक खातों में पैसा भेजना बंद कर दिया था, जबकि क्लिक वर्क उन्हें रोजाना मिल रहा था।
निवेशकों को जब एसटीएफ की कार्रवाई के बारे में पता चला तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि जिले के हजारों लोगों का भी इस कंपनी में करोड़ों रुपये निवेश किया हुआ था।
37 अरब की ठगी का पर्दाफाश होते ही जिले में सक्रिय अन्य डिजिटल कंपनियां भी मैदान छोड़कर भागने लगी हैं। सोशल ट्रेड कंपनी पर सर्च के बाद भी जिले के सैकड़ों लोग उक्त कंपनी से जुड़े हुए थे। 2 फरवरी से कंपनी ने निवेशकों के बैंक खातों में पैसा भेजना बंद कर दिया है। इससे इन निवेशकों नींद उड़ गई है।
इस कंपनी के प्लान को लोगों के बीच लाने वाले एजेंटों से संपर्क साधने में अब निवेशक लग गए हैं। निवेशक इस असमंजस में हैं कि कहीं उनका पैसा डूब तो नहीं गया है।
देहात अंचल में अधिक सक्रिय है यह कंपनी
इस कंपनी से सबसे ज्यादा निवेशक ग्रामीण अंचल में जुड़े हैं। अधिकांश निवेशकों को तो यह भी नहीं पता कि उन्हें पैसा किस कार्य का मिलता है, क्योंकि जिन एजेंटों ने उन्हें कंपनी से जुड़वाया है, वही लोग इनकी आईडी का कार्य भी करते हैं। इसलिए अधिकांश ग्रामीण सिर्फ बैंक पासबुक में एंट्री करवाकर ही संतुष्ट हो जाते थे।
देहात अंचल के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने भैंस और आभूषण गिरवी रख भी इस कंपनी में पैसा निवेश कर दिया था। उन्हें यह नहीं पता था कि यह सब कंपनियां फर्जी हैं।