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एनजीटी की रोक के बाद भी गंगा में मूर्ति विसर्जन हुआ

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एनजीटी की रोक के बाद भी गंगा में हो रहा मूर्ति विसर्जन हुआ
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गढ़मुक्तेश्वर। एनजीटी ने गंगा में मूर्तियों के विसर्जन के लिए रोक लगाई हुई है, लेकिन गंगानगरी में आदेश का पालन नहीं हो रहा है। सोमवार को मां सरस्वती की मूर्तियों का विसर्जन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि इस दौरान गंगा विचार मंच कार्यकर्ताओं के साथ तीखी नोकझोंक भी हो गई।
प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाई जाने वाली देवी देवताओं की मूर्तियों को आकर्षक रूप देने के लिए उनमें भड़कीले केमिकल रंगों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें जलाशयों में प्रवाहित करने पर प्रदूषण बढ़ने के साथ ही दुर्लभ जलीय जीव जंतुओं को भी खतरा बढ़ जाता है। एनजीटी ने मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगाई हुई है लेकिन बसंत पंचमी पर हुई पूजा अर्चना के बाद मुरादाबाद मंडल के हजारों कार्यकर्ता सोमवार को मां सरस्वती की दर्जनों मूर्तियों को लेकर ब्रजघाट तीर्थनगरी में पहुंच गए और मूर्तियों को गंगा में विसर्जित करने लगे। खबर मिलते ही गंगा विचार मंच के वेस्टर्न यूपी जिला सह संयोजक अशोक शर्मा दर्जनों कार्यकर्ताओं को साथ लेकर गंगा किनारे पहुंच गए, जिन्होंने एनजीटी की रोक और गंगा सफाई के लिए चलाई जा रही योजनाओं का हवाला देकर मूर्तियों को गंगा में विसर्जित न करने का आग्रह किया। लेकिन श्रद्धालु नहीं माने तथा नोकझोंक और हंगामा होने पर गंगा विचार मंच कार्यकर्ताओं ने पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस ने जिसने नियमों का हवाला देकर लोगों को समझाया, तब जाकर मूर्तियों को पुराने श्मशान घाट के पास चिन्हित स्थान पर ले जाकर पानी से भरे कुंड में विसर्जित कराया।
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सीओ अशोक शुक्ल का कहना है कि शासन समेत एनजीटी की रोक लगी होने के मद्देनजर मां सरस्वती की मूर्तियों को गंगा में विसर्जित करने से रोकने के साथ ही निगरानी को पुलिस की ड्यूटी भी लगाई हुई है।
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