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हाफिजपुर पुलिस ने दबोचा फर्जी आईपीएस

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हाफिजपुर पुलिस ने दबोचा फर्जी आईपीएस
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हापुड़। सूट-बूट पहने खुद को आईपीएस बता एक व्यक्ति घंटों तक हाफिजपुर पुलिस पर रौब डालता रहा। इस दौरान पुलिसकर्मी उसकी जीहजूरी में लगे रहे। जब फर्जी आईपीएस ने थाना प्रभारी से कार ठीक कराने के नाम पर पचास हजार रुपये मांगने पर मामला खुल गया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीओ पवन कुमार ने बताया कि सोमवार रात करीब आठ बजे सूट-बूट पहने एक व्यक्ति हाफिजपुर थाने पहुंचा और खुद को डीआईजी बताते हुए परिचय दिया। उसने अपना नाम एसके अग्रवाल बताते हुए कहा कि वह महाराष्ट्र कैडर से हैं और फिलहाल नागपुर में तैनात हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के थाने में पहुंचने की सूचना पर यहां हड़कंप मच गया। अधिकारी के सम्मान में थाने में मौजूद स्टाफ खड़ा हो गया। प्रोटोकाल के तहत थाना प्रभारी ने भी अपनी कुर्सी छोड़ दी। करीब दो घंटे तक कथित डीआईजी साहब रौब डालते रहे। उसके बाद उन्होंने बताया कि वे यहां से गुजर रहे थे और उनकी कार अचानक खराब हो गई। ऐसे में कार ठीक कराने के लिए उसे 50 हजार रुपये की आवश्यकता है। थाना प्रभारी रवि रतन सिंह से रुपये मांगने पर उन्हें शक हुआ। उसके बाद थाना प्रभारी ने कथित डीआईजी से उसका सीयूजी नंबर और पता पूछा तो वह हड़बड़ा कर कुर्सी से उठ कर थाने से बाहर जाने लगा। तभी एसआई अरमान अहमद व सुरेंद्र सिंह ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम विशांत त्यागी निवासी मोहल्ला रामनगर गेट कस्बा परीक्षितगढ़ मेरठ बताया। पुलिस ने उसके पास से कई फर्जी कार्ड भी बरामद किए हैं।
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हरियाणा में कर चुका है ठगी
सीओ ने बताया कि फर्जी आईपीएस विशांत त्यागी यहां से पहले हरियाणा के सोनीपत में कुछ युवकों को पुलिस में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी कर चुका है। इसके अलावा कुछ अन्य युवक भी उसके संपर्क में थे, जिनसे वह जल्दी ही मोटी रकम वसूलने वाला था।
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