हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास
-दस वर्ष पूर्व टैक्सी चालक पर गोलियां बरसाकर की गई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। पिलखुवा के गांव रघुनाथपुर के पास दस वर्ष पूर्व टैक्सी चालक के हत्याकांड में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने सजा सुनाई। तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
अपर शासकीय अधिवक्ता मुकेश कुमार त्यागी ने बताया कि कस्तला कासमाबाद निवासी अनिल टैक्सी चलाता था। 26 अक्टूबर 2007 को कांवी के एक किशोर ने उससे सिकंदराबाद जाने के लिए टैक्सी बुक की। किशोर अपने गांव के ही राजेश, मोनू व राकेश के साथ सिकंदराबाद ले जाने लगा। इस बीच गांव रघुनाथपुर के समीप उसकी कार में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस बीच ढूंढते हुए उसका भाई सतीश वहां पहुंच गया जिसने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। तभी से ये मामला एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के पास विचाराधीन था। जबकि किशोर का मामला जुवाइनल कोर्ट में चल रहा था।
बुधवार को एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम जज वीना नारायण ने मामले में तीन लोग राजेश, मोनू व राकेश को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा मोनू पर एक हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है। जमानत पर चल रहे तीनों दोषियों को जेल भेज दिया गया।