बुलंदशहर नहर में मिले छात्रा के शव के मामले ने पकड़ा तूल
गढ़मुक्तेश्वर। बुलंदशहर नहर में मिले सिंभावली की छात्रा के शव का मामला तूल पकड़ने लगा है। एक माह बीतने के बाद सिंभावली पुलिस ने छात्रा की हत्या कर सबूत मिटाने के मकसद से उसका शव नहर में फेंकने का केस दर्ज किया है।
सिंभावली क्षेत्र के गांव खुड़लिया के जितेंद्र की बेटी मनु एमए की छात्रा थी, जो 15 जुलाई की सुबह को संदिग्ध दशा में लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग न लगने पर छात्रा के पिता ने पुलिस को सूचना देकर सिंभावली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। चार दिन बाद जनपद बुलंदशहर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र से जुड़े गांव कमालपुर की नहर से एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ था, जिसकी सूचना मिलने पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त अपनी लापता बेटी मनु के रूप में की थी। इसके बाद बुलंदशहर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया था, जिसकी रिपोर्ट में छात्रा मनु की गला दबाकर हत्या करने के बाद ही शव को नहर में फेंके जाने की पुष्टि की गई थी। मृतका के परिजन तभी से बुलंदशहर की देहात कोतवाली और सिंभावली थाने के चक्कर काटते घूम रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई न होने से छात्रा की मौत का रहस्य अनसुलझी पहेली बना हुआ था। रविवार को सिंभावली पुलिस ने छात्रा मनु की हत्या कर उसका शव नहर में फेंकने वाले अज्ञात कातिलों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर दिनेश यादव ने बताया कि मनु हत्याकांड में अज्ञात हत्यारोपीयो के खिलाफ हत्या करने के बाद सबूत मिटाने को शव नहर में फेंकने का केस दर्ज कर पुलिस सभी संभावित पहलुओं के आधार पर विवेचना कर रही है।
चर्चाओं का बाजार गरम
- कातिल कौन थे और किस लिए उन्होंने मासूम छात्रा की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसके शव को करीब 50 किलोमीटर दूर बुलंदशहर जनपद के दूरस्थ इलाके में ले जाकर नहर में फेंका था। फिलहाल यह सवाल पुलिस के लिए अनसुलझी पहेली बनने के साथ ही परिजन और ग्रामीणों में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।