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हत्या कर पुलिस पूछताछ में फफक पड़ा आरोपी सिपाही

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रॉड से वार कर नाड़े से भी दबाया गला
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- सगे भाई की हत्या का मामला, पुलिस कस्टडी में फफक पड़ा आरोपी सिपाही
- भाई की हत्या कर पुलिस को गुमराह करता रहा
- संपत्ति विवाद भी हो सकता है दोनों भाई के बीच मनमुटाव का कारण
हापुड़। श्रीनगर में हाईप्रोफाइल तरीके से अपने भाई की हत्या कर पुलिस को गुमराह करने वाला आरोपी दिल्ली पुलिस का सिपाही आखिर पुलिस पूछताछ में सख्ती बरतने पर टूट गया। आरोपी सुधीर ने बताया कि उसने छह बार रॉड से प्रहार के बाद नाड़े से भाई का गला भी दबाया था। ताकि उसे युद्धवीर के मर जाने की तस्सली हो जाए। हालांकि पुलिस को शक है कि दोनों के बीच विवाद का कारण संपत्ति भी हो सकता है। कलंकित भाई को मोहल्ले वासी व परिजन जमकर कोस रहे थे।
श्रीनगर निवासी हेडकांस्टेबल सुधीर ने बताया कि उसने 18 नवंबर 2011 को अपनी मर्जी से नेपाल के काठमांडू निवासी गीता के साथ की थी। लेकिन उसकी पत्नी कभी अपनी ससुराल नहीं आई। वह अपनी पत्नी के साथ दिल्ली में रहने लगा। वर्ष 2012 में उसने एक कार लोन पर ली लेकिन कार की किश्त चुकाने में परेशानी हो रही थी। इसके लिए उसे बार-बार बैंक से नोटिस मिल रहे थे। किश्त चुकाने के लिए 10 दिन पूर्व सुधीर ने भाई से रुपये मांगे थी। 24 अगस्त को वह अवकाश लेकर हापुड़ आ गया, जहां उसने रुपयों की मांग की। इसके बाद दोनों भाइयों में विवाद हो हो गया। शनिवार रात दोस्तों के साथ पार्टी करने के बाद सुधीर सोने चला गया। इस बीच युद्धवीर जब सो गया तो आरोपी सुधीर ने युद्धवीर के सिर पर मूसली से ताबड़तोड़ छह वार कर लहूलुहान कर दिया। फिर नाड़े से युद्धवीर का गला भी दबाया। जब उसे युद्धवीर के मर जाने की तस्सली हो गई तो खून के कपड़े व मूसली लेकर कार से दूर फेंक आया। दिन निकलने पर उसने पुलिस पर 100 नंबर पर सूचना देने की बात कह गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस ने शक के आधार पर उसे हिरासत में लिया तो वह बरगलाने लगा। लेकिन पूछताछ में तुरंत टूट गया। पुलिस के अनुसार मृतक के परिवार के पास 26 बीघे महंगी जमीनें हैं। एएसपी राम मोहन सिंह ने बताया कि संपत्ति विवाद भी अहम कारण हो सकता है। फिलहाल ऐसी बात सामने नहीं आई है।
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पुलिस की रणनीति रही सफल
हापुड़। अमूमन घटना स्थल पर पहुंचकर मामले को बाद में देख लेने की बात पुलिस अधिकारियों द्वारा कही जाती है। लेकिन शनिवार को पुलिस ने आरोपी सिपाही को थाने न लाकर दो घंटे घर पर पूछताछ की। जिसके बाद शक होने पर परिजनों की सहमति मिलने पर पुलिस उसे लेकर थाने आई। जहां उसने घटना को स्वीकार कर लिया।
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