हापुड़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने एक व्यक्ति की हत्या करने के मामले में दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 60-60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्णकांत गुप्ता ने बताया कि थाना सिंभावली क्षेत्र के गांव हिम्मतपुर निवासी शाहरुख ने गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें उसने कहा कि 30 अप्रैल 2020 को वह गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के गांव बदरखा स्थित अपने मामा आलमगीर के घर से खेत के लिए बाइक पर सवार होकर जा रहा था। रास्ते में गांव के ही अजमत और हसमत उर्फ छोटे पुत्रगण हनीफ ने उसकी बाइक में अपनी मोटरसाइकिल से टक्कर मार दी। जिसके बाद वह उसके साथ गाली-गलौच करने लगे। इसी दौरान उसके मामा आलमगीर साइकिल पर सवार होकर खेत से घर को जाते समय मौके पर पहुंच गए। उसके मामा आलमगीर ने अभद्र व्यवहार का विरोध किया। जिस पर आरोपियों ने तमंचे से मामा आलमगीर गोली मार दी। गोली मामा आलमगीर के पेट में लगी। घायलावस्था में मामा को गढ़मुक्तेश्वर के सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए लेकर पहुंचा। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दोनों सगे भाइयों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। जिसके बाद मामले के आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। मामले में मजबूत पैरवी करते हुए आठ गवाह न्यायालय में पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला जज रविंद्र कुमार प्रथम ने आरोपी अजमत और हसमत को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अर्थदंड की धनराशि का दो तिहाई भाग मृतक के परिजनों को प्रतिकर के रुप में दिया जाएगा।