हापुड़। कोतवाली क्षेत्र के कमेला रोड स्थित पशु वधशाला में वर्ष 2005 में गला रेतकर 16 वर्षीय नाबालिग की हत्या कर दी गई थी। मामले की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड ने में चल रही थी। जहां पर न्याय बोर्ड ने मामले के 17 वर्षीय बाल उपचारी को दोषी करार दिया है। बाल अपचारी को साढ़े तीन साल सुधारात्मक अवधि के लिए जिला गाजीपुर स्थित राजकीय विशेष गृह (किशोर) भेजा गया है।
किशोर न्याय बोर्ड के पीठासीन अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह, सदस्य राजन त्यागी व स्वाति गर्ग ने बताया कि 23 मई 2005 को कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले के व्यक्ति ने कोतवाली हापुड़ नगर में तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि उसका 16 वर्षीय नाबालिग पुत्र कमेला मार्ग स्थित पशु वधशाला में भैंस कटान का काम करता था। वह कमेले में नमक भी बेचता था। पशु वधशाला में नगर के एक मोहल्ला का 17 वर्षीय किशोर भी भैंस कटान करता था। 23 मई 2005 को उसका नाबालिग पुत्र अपने भाई के साथ पशु वधशाला में भैंस लेकर जा रहा था।
पशु वधशाला में पहुंचने पर नाबालिग पुत्र व 17 वर्षीय किशोर के बीच भैंस काटने को लेकर विवाद हो गया। इस विवाद में 17 वर्षीय किशोर ने उसके नाबालिग पुत्र का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। जिसके बाद धारदार हथियार को हवा में लहराते हुए किशोर वहां से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने किशोर को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया था। पुलिस ने मामले के आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। बुधवार को किशोर न्याय बोर्ड ने बाल अपचारी के मामले की सुनवाई करते हुए उसे दोषी करार दिया है। बाल अपचारी को साढ़े तीन साल की सुधारात्मक अवधि के लिए जिला गाजीपुर स्थित राजकीय विशेष गृह भेज दिया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी हापुड़ को बाल अपचारी का व्यक्तिगत सुधार योजना बनाने व उसका आंकलन करने के आदेश भी दिए हैं।