पिलखुवा। बिना एस्टीमेट विद्युत लाइन शिफ्टिंग करने का मामला ऊर्जा निगम के अधिकारियों की गले की फांस बन गया है। डिवीजन के अधिशासी अभियंता की जांच में उपखंड अधिकारी धौलाना और अवर अभियंता धौलाना की भूमिका संदिग्ध मिली है। अधिशासी अभियंता ने एसडीओ और जेई द्वारा संतोषजनक जवाब न देने के संबंध में मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर कार्रवाई की संस्तुति की है। वहीं, मुख्य अभियंता ने जांच कमेटी का गठन कर मामले की रिपोर्ट तलब की है।
हिंडालपुर के पास निर्माणाधीन फैक्टरी के ऊपर से गुजर रही 33 केवीए की विद्युत लाइन को अधिकारियों ने सांठगाठ कर बिना एस्टीमेट बनाए शिफ्ट कर दिया था। इसके लिए ट्रांसमिशन विभाग के बिजली घर से गत 6 जून को सवा चार घंटे का शटडाउन लिया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मामले में ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने लाखों रुपये लिए थे। मामले का खुलासा होने पर शुक्रवार को अधिशासी अभियंता पिलखुवा ने स्थलीय निरीक्षण कर एसडीओ और जेई से पूछताछ की। मामले में दोनों ही अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अधिशासी अभियंता ने शुक्रवार को निरीक्षण करने के बाद जेई को निर्माणाधीन फैक्टरी संचालक और लाइन शिफ्ट करने वाले ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन जेई द्वारा मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। वहीं, लाइन शिफ्टिंग के दौरान चार बिजली के खंभे बदले गए है। बिना एस्टीमेट के आखिर वह खंभे कहां से आए। अधिशासी अभियंता का कहना है कि यह सब जांच के बाद ही पता चलेगा।
एक बड़े अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध
ऊर्जा निगम के एक अधिकारी ने बताया कि मामले में एक बड़े जिलास्तरीय अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। वह मामले को लगातार दबाने और तत्काल एस्टीमेट बनाकर जमा कराने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में जेई पर भी रिपोर्ट दर्ज न कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
कोट-
लाइन शिफ्टिंग मामले में एसडीओ और जेई द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। दोनों अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। मामले की रिपोर्ट बनाकर मुख्य अभियंता को भेज दी गई है। कार्रवाई के लिए वहीं सक्षम अधिकारी है।
- भूपेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम पिलखुवा डिवीजन।
कोट-
लाइन शिफ्टिंग का मामला संज्ञान में आया है, मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट के उपरांत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- बीके मिश्र, मुख्य अभियंता, हापुड़।