हापुड़। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने मोती कॉलोनी में मोबाइल टावर को आबादी के ओवरलोड ट्रांसफार्मर से केबिल कनेक्शन दे दिया। दूसरे मामले में चमरी की एक महिला को दो किलोवाट कनेक्शन का खर्च 80 हजार बताया गया। दस हजार सुविधा शुल्क देने पर एस्टीमेट 30 हजार का बना दिया, अब फिर जेई सुविधा शुल्क मांग रहा है। महिला ने वीडियो वायरल कर, कार्रवाई की मांग की।
मोती कॉलोनी में 700 घरों में लंबी दूरी का कनेक्शन देने का मामला अभी शांत नहीं हुआ कि इसी क्षेत्र में कॉमर्शियल टावर कनेक्शन भी केबिल के जरिये देने का मामला सामने आ गया है। इसमें अधिकारियों की मंशा जग जाहिर है। भले ही मामले की जांच का दावा किया जा रहा है, लेकिन जांच के नाम पर पुराने मामले भी अभी तक अटकाए हुए हैं।
केस नंबर एक-
चमरी निवासी मीनू शर्मा ने वीडियो जारी कर बताया है कि उसने दो किलोवाट घरेलू कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। जेई ने 80 हजार का एस्टीमेट बनने की बात कही, इस पर आर्थिक स्थिति के बारे में बताया तो जेई ने दस हजार मांगे, यह पैसा देने पर एस्टीमेट 29778 रुपये का बनाया। यह पैसा भी जमा कर दिया, आरोप है कि फिर अवर अभियंता दस हजार मांग रहा है। इस मामले की पीडि़ता ने अधिकारियों से शिकायत की है।
केस नंबर दो-
मोती कॉलोनी में लंबी दूरी के अवैध तरीके से दिए कनेक्शन के कारण ट्रांसफार्मर ओवरलोड है। ऐसे ही एक ट्रांसफार्मर से अधिकारियों ने मोबाइल टावर को लंबी दूरी का केबिल कनेक्शन दे दिया। जबकि टावर के लिए अलग से लाइन बनाने और ट्रांसफार्मर रखने का प्रावधान है। ऊर्जा निगम को इसमें लाखों का राजस्व मिलता, लेकिन अधिकारियों ने अपनी जेब गर्म कर कनेक्शन दे दिया।
-
केस नंबर तीन-
-करोड़ों के घपले से जुड़े अधिकारी को बना दिया एसडीओ-
गढ़ डिवीजन में सरकारी नोटिसों में फर्जीवाड़ा कर, उपभोक्ताओं को दस गुना अधिक तक के नोटिस जारी कर, करोड़ों का घपला करने में शामिल एक अधिकारी को पिलखुवा डिवीजन में एसडीओ का पद दे दिया गया है। विजिलेंस ने इस मामले में साक्ष्य उच्चाधिकारियों को भेजे थे, फिर भी जांच के नाम पर पहले मामले को अटकाया, फिर उक्त अधिकारी को एसडीओ बना दिया।
केस नंबर चार
-भारतीय रक्षा प्रणाली के एस्टीमेट में 22 लाख का खेल, अधिकारियों ने दिए जवाब-
बाबूगढ़ स्थित भारतीय रक्षा प्रणाली के एस्टीमेट में करीब 40 लाख की गड़बड़ी की गई। अधिकारियों ने भी 22 लाख की गड़बड़ी मानकर अधिक जमा कराया पैसा बिल में समायोजित कर दिया। इस मामले में अधिकारियों ने मुरादाबाद मुख्य अभियंता के यहां जवाब दाखिल कराए। इसमें कार्रवाई की तैयारी है।
-
-एस्टीमेट के नाम पर पैसा मांगना गंभीर-
दो किलोवाट के कनेक्शन पर सुविधा शुल्क मांगना गंभीर मामला है। आबादी के ट्रांसफार्मर से टावर को भी कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। दोनों मामलों की जांच कर, कार्रवाई करेंगे।यूके सिंह, अधीक्षण अभियंता।
-