हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट कोर्ट ने युवती से अश्लील हरकत करने के एक मामले में बृहस्पतिवार को निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक विनीता त्यागी ने बताया कि पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि छह फरवरी 2014 को उसकी पुत्री अपनी अन्य दो सहेली के साथ कहीं जा रही थी। रास्ते में गांव बझैड़ा खुर्द थाना पिलखुवा निवासी पियूष पुत्र छत्तरपाल ने उनके साथ अश्लील हरकत करनी शुरु कर दी। जिसका उनके द्वारा विरोध किया गया। आरोपी ने उनकी पुत्री के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की और उसके आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट कोर्ट में चल रही थी। जहां पर न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में निर्णय सुनाया। न्यायाधीश ने आरोपी पियूष को मामले में दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दोषी को ढ़ाई माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।