हापुड़ । मीनाक्षी रोड स्थित विधायक कैंप कार्यालय पर मंगलवार को भाजपाइयों ने आपातकाल को काला दिवस के रूप में मनाया।
क्षेत्रीय महामंत्री डॉ. विकास अग्रवाल ने कहा कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक के 21 महीने की अवधि में देश में आपातकाल घोषित था। तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के कहने पर आपातकाल की घोषणा कर दी थी। इसके चलते देश के आंतरिक व बाहरी हालात खराब होते जा रहे थे। पड़ोसी देशों से संबंध खराब थे। उन दिनों देश में पड़े अकाल, वर्ष 1971 का भारत- पाकिस्तान युद्ध, 1974 में चीन से युद्ध जैसे मामलों से देश को हार का सामना करना पड़ रहा था। देश आर्थिक हालातों से जूझ रहा था और देश का बड़ा हिस्सा सड़कों पर था। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह सबसे विवादास्पद और अलोकतांत्रिक काल था। सदर विधायक विजयपाल आढ़ती ने कहा कि आपातकाल में चुनाव स्थगित हो गए व नागरिक अधिकारों को समाप्त करके मनमानी की गई। इंदिरा गांधी के राजनीतिक विरोधियों को कैद कर लिया गया और प्रेस पर प्रतिबंध लगा दिया गया। जयप्रकाश नारायण ने इसे भारतीय इतिहास की सर्वाधिक काली अवधि कहा था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महेश शर्मा ने की। इस दौरान पुनीत गोयल, सुनील वर्मा, मनोज तोमर, दिनेश त्यागी, जिनेंद्र चौधरी, सुधीर शर्मा, प्रशांत त्यागी, जगदीश प्रधान, अमित चौधरी, अनिल त्यागी, कैलाश वर्मा, आकाश यादव, कनिक केहर, सौदान सिंह, आदित्य सूद, चंद्र प्रकाश वर्मा, वैभव त्यागी, देवी दयाल व सुयश वशिष्ठ उपस्थित रहे।