हापुड़। शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं को एक सॉफ्टवेयर पर लाने की कवायद ने 2.90 लाख उपभोक्ताओं को मुसीबत में डाल दिया है। चौथी बार फिर से चार दिन के लिए सिस्टम ठप हो गया है। अब 10 अगस्त तक न तो बिल जमा होंगे और न ही संशोधन का कार्य हो सकेगा। काउंटरों से उपभोक्ता वापस लौट रहे हैं।
जिले के तीन डिवीजन में 1.20 लाख शहरी और शेष ग्रामीण उपभोक्ता शामिल हैं। ऊर्जा निगम की ओर से ऑनलाइन बिलिंग की व्यवस्था की गई है। बिलिंग में पूर्व में दो कंपनी काम कर रही थीं। इससे शहर और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं की बिलिंग की व्यवस्था अलग- अलग थी। लेकिन ऊर्जा निगम ने इस बार दोनों का कार्य एक ही कंपनी को दे दिया है। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं का डाटा एक साथ किया जा रहा है और उनकी बिलिंग के सारे कार्य एक ही सॉफ्टवेयर से किए जाने प्रस्तावित हैं। नया सॉफ्टवेयर जिले में शुरू होने के बाद विभागीय कर्मचारियों को उसको समझने में समस्या आ रही है।
वहीं, सॉफ्टवेयर की मरम्मत के कारण बार-बार सेवाएं बंद हो रही हैं। बिजली उपभोक्ताओं के बिल संबंधित कार्य दस अगस्त तक बंद कर दिए गए हैं। इससे 11 अगस्त से बिल जमा हो सकेंगे। बिजली बिल जमा न होने और उनके संशोधन न होने से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। इतना ही नहीं जिन कनेक्शन में संशोधन होना है, वह भी नहीं हो पा रहा है। बिलों में त्रुटियों की भरमार है, कहीं मीटर रीडर गलत बिल निकाल रहे हैं तो कहीं सिस्टम ही गलत बिल उठा रहा है। ऐसे बिलों से उपभोक्ता परेशान हैं, उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
कोट -
साफ्टवेयर पर मेंटेनेंस का कार्य चल रहा है। जिस कारण दस अगस्त तक बिल जमा और संशोधन के कार्य नहीं हो सकेंगे। 11 अगस्त से ये सेवाएं फिर से शुरू होंगी।रमेश कृष्णाणी, अधिशासी अभियंता।