संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। भाकियू की मासिक पंचायत के बाद ज्ञापन नहीं लेने पहुंचे बहादुरगढ़ एसओ के खिलाफ भाकियू कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। किसानों ने एसओ के तेवर देखकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
भाकियू टिकैत के युवा मंडल अध्यक्ष जीते चौहान के नेतृत्व में सोमवार की दोपहर को बहादुरगढ़ थाने के पास कैंप कार्यालय पर मासिक पंचायत की गई। जहां पर किसानों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। किसानों ने बताया कि निराश्रित पशुओं के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिजली के बिलों में होने वाली गड़बड़ियों से निजात नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा भाकियू कार्यकर्ताओं ने कहा कि बहादुरगढ़ क्षेत्र में हर दूसरे दिन हरे भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है। पेड़ों के कटान पर पुलिस और वन विभाग बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके चलते पर्यावरण को खतरा बना हुआ है। क्षेत्र में होने वाले अवैध रूप से मिट्टी और बालू खनन को लेकर चर्चा हुई। जिसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने इन समस्याओं का समाधान कराने की मांग को लेकर थाने से एसओ सुमित तोमर को अपने बीच बुलाने के लिए एलआईयू के माध्यम से आग्रह किया। भाकियू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एसओ ने कैंप कार्यालय पर पहुंचकर किसानों का ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद गुस्साए किसान बहादुरगढ़ थाने में पहुंच गए और वहां पर एसओ के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। किसानों ने कहा कि एसओ उनके साथ नीचे बैठकर ज्ञापन लेंगे तो वह धरना प्रदर्शन स्थगित कर देंगे। लेकिन कई घंटे बीत गए एसओ किसानों के बीच में नहीं बैठे। जिसके बाद मौके पर पहुंचे सीओ
आशुतोष शिवम ने किसानों को गुलदस्ता भेंटकर शांत करना चाहा लेकिन, वह नहीं माने। किसानों का आरोप है कि अन्नदाता के साथ एसओ को जमीन पर बैठने में क्या दिक्कत है। थानाध्यक्ष सुमित तोमर का कहना है कि किसानों से किसी भी तरह का गलत व्यवहार नहीं किया गया है। आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। इस मौके पर गुड्डू प्रधान, सुनील चौहान, सुभाष मंत्री, विजेंद्र शर्मा, राहुल, मुकेश, सुरेश, सुरेंद्र, अशोक, दिनेश त्यागी, आदि मौजूद रहे।