संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में आरोपी कुश्ती संघ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी न होने पर राकेश टिकैत के आह्वान पर गाजीपुर बार्डर जाने वाले किसानों को पुलिस प्रशासन ने रोक लिया, इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं की पुलिसकर्मियों से जमकर नोकझोंक हुई। लेकिन अधिकारियों के समझाने पर छह कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा धरना स्थल पर भेजा गया।
रविवार की सुबह करीब आठ बजे भाकियू टिकैत जिलाध्यक्ष दिनेश खेड़ा के आवास पर सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र हो गए। जो महिला पहलवानों के समर्थन और राकेश टिकैत के आह्वान पर गाजीपुर बार्डर धरना स्थल जाने के लिए तैयार थे। इसी बीच मौके पर पहुंचे सीओ आशुतोष शिवम और इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह ने उन्हें जाने से रोक दिया। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी देने की बात कही। लेकिन टिकैत के आह्वान पर दोबारा से किसान धरना स्थल पर जाने के लिए अड़ गए। थोड़ी देर बाद किसान पैदल नारे बाजी करते हुए सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए नेशनल हाईवे की सर्विस रोड पर पहुंच गए। वहां पर भी पुलिस ने आगे बढऩे नहीं दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन की भाकियू कार्यकर्ताओं से नोकझोंक भी हुई, लेकिन एसडीएम अंकित कुमार वर्मा और सीओ आशुतोष शिवम ने एएसपी से वार्ता कराने के बाद दिनेश खेड़ा के कार्यकर्ताओं को लौटा दिया। वहीं भाकियू जिलाध्यक्ष दिनेश खेड़ा के साथ सिर्फ छह लोगों को दो गाडिय़ों में पुलिस के साथ भेजा गया। इसके अलावा युवा मंडल अध्यक्ष जीते चौहान समेत अन्य कार्यकर्ताओं को बहादुरगढ़ पुलिस ने कैंप कार्यालय पर नजरबंद कर दिया। जिससे गुस्साए कार्यकर्ता थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। जीते चौहान का कहना है कि हाईकमान के आगामी निर्देश तक थाने में उनका धरना जारी रहेगा।