हापुड़। भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को तहसील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। दाखिल खारिज, खतौनी में त्रुटि की समस्याओं को उठाया। वहीं, तहसील के एक बाबू को भी हटाने की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि ग्राम पंचायतों की आबादी में घरों की घरौनी तैयार कर वितरण होना चाहिए, इसमें काफी देरी की जा रही है। किसानों की खसरा खतौनी में सहखाता धारकों का हिस्सा दर्ज होना चाहिए। हापुड़ तहसील में बैनामों के दाखिल खारिज कराने की समय सीमा तय होनी चाहिए। मृतक वारिसों के नाम दर्ज कराने में परेशानी हो रही है, बिना सुविधा शुल्क यह कार्य नहीं होता। भूमि पैमाइश में घोर अनदेखी हो रही है, एसडीएम के आदेश को भी अनसुना किया जा रहा है। संकरमणी भूमि की फाइलों को लटकाया जा रहा है। जर्जर विद्युत लाइन से जली फसल की क्षतिपूर्ति नहीं दिलायई जा रही है। अच्छेजा गांव की सड़क के आस-पास की आबादी को मानचित्र से गायब कर सैकड़ों वर्ष पुरानी आबादी के स्थान पर ग्रीन बेल्ट दिखाकर किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तहसील में दस साल से जमे एक बाबू ने भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं, उसे तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए। किसानों के बीच पहुंचे अधिकारियों ने समस्याओं के हर संभव निस्तारण का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिला प्रभारी राधेलाल त्यागी, चौधरी संजय त्यागी, अनुज त्यागी, जितेंद्र नागर, राजवीर भाटी, धर्मेंद्र त्यागी, रूपराम, अतुल त्यागी, सियानंद, रविंद्र, सैंकी त्यागी, अंकित, कैलाश, मनोज, बबलू, पुष्पेंद्र, महेंद्र त्यागी, सर्वेश त्यागी, कुसमांकर त्यागी, सुधाकर त्यागी, अजय पाल, अमरेश त्यागी, सुधीर त्यागी, अजय त्यागी आदि मौजूद रहे।