हापुड़। बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का पुलिस के विरोध में धरना-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की तथा किसी को भी कचहरी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया। जिसके कारण न्यायिक कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा। वहीं, मामले में प्रदेश के सभी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व सचिव की बैठक आठ सितंबर को बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ लखनऊ में होगी। इस बैठक में आंदोलन को लेकर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
बुधवार की सुबह दस बजे से ही कचहरी के मुख्य गेट पर अधिवक्ताओं का धरना शुरू हुआ। एसोसिएशन के अध्यक्ष ऐनुल हक ने कहा कि पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर बर्बरता पूर्ण किए गए लाठीचार्ज का देश भर में विरोध किया जा रहा है। पुलिस का विरोध अधिवक्ताओं के अलावा राजनैतिक पार्टी, सामाजिक संगठन व किसान संगठनों द्वारा किया जा रहा है। एसोसिएशन के सचिव नरेंद्र शर्मा ने कहा कि अधिवक्ताओं का यह आंदोलन पूर्ण न्याय मिलने तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि न्याय न मिलने तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
आजाद समाज पार्टी ने की लाठीचार्ज की निंदा
हापुड़। आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) जिलाध्यक्ष एडवोकेट सुशील आजाद के नेतृत्व में कार्यकर्ता बुधवार को अधिवक्ताओं का समर्थन करने के लिए धरने में शामिल हुए। जिलाध्यक्ष एडवोकेट सुशील आज़ाद ने कहा कि 29 अगस्त 2023 को पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज करना बहुत ही निंदनीय है। आसपा इसकी पुरजोर निंदा करती है। उन्होंने प्रदेश सरकार से घटना में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित, चोटिल अधिवक्ताओं को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाने व मुकदमों को वापस लेने और एसआईटी टीम में बार काउंसिल ऑफ उप्र के चेयरमैन को शामिल करने की मांग की। इस दौरान फ्रंटल मंडल प्रभारी एडवोकेट दिनेश कुमार, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह आज़ाद, पूर्व सदर नगर पालिका चेयरमैन प्रत्याशी पूजा, राकेश सैनी, नरेंद्र द्रविड, नसीम खान, मनोज कर्दम, सिकंदर खान, एडवोकेट भूषण प्रशांत, बेबी भारती, डॉ. योगेंद्र गौतम मौजूद थे।