हापुड़। मेरठ से आई एटीएस (आतंकवादी निरोधी दस्ते) ने सोमवार को धौलाना के गांव शेखुपर खिचरा में छापा मारा। टीम के अफसरों ने गांव व आसपास की फैक्टरियों में अवैध रूप से रह रहे 16 रोहिंग्याओं को गिरफ्तार कर लिया। करीब छह घंटे तक पूछताछ करने के बाद एटीएस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया।
सोमवार की सुबह सात बजे एटीएस मेरठ यूनिट की सात सदस्यीय टीम के अफसर धौलाना थाने पहुंचे। स्थानीय पुलिस टीम के साथ इन लोगों ने शेखपुर खिचरा में किराये पर रहने वाले लोगों की जांच शुरू की। जिसके बाद 16 संदिग्ध रोहिंग्याओं को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने करीब छह घंटों तक पूछताछ की। जिसके बाद पाया कि सभी रोहिंग्या मुस्लिम हैं और पिछले करीब चार साल से इस गांव में रह रहे थे। मेरठ से भागकर ये लोग यहां आए थे। टीम ने सभी को हिरासत में लेकर इनके घरों की तलाशी लेकर दस्तावेज खंगाले। हालांकि इनके पास से कोई ऐसा दस्तावेज बरामद नहीं हुआ, जो उन्होंने भारत आकर बनवाया हो। एएसपी मुकेश चंद मिश्रा ने बताया कि एटीएस की ओर से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
म्यांमार से बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंचे
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि सभी म्यांमार के रहने वाले हैं और कोलकाता के रास्ते भारत आए थे। इन लोगों को बांग्लादेश निवासी मंजूर आलम व हामिद ने म्यांमार से बांग्लादेश के रास्ते कोलकाता से भारत में प्रवेश कराया था। इन लोगों से इनके पासपोर्ट वीजा आदि मांगे गए तो आरोपी उसे दिखाने में असमर्थ रहे। जिसके आधार पर इनके खिलाफ कार्रवाई की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये लोग पिछले काफी वर्षों से हापुड़ में छिपते घूम रहे हैं।
धौलाना क्षेत्र में हो सकते हैं और भी परिवार -
इस क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की पड़ताल चल रही है। कुछ को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन इस क्षेत्र में और भी रोहिंग्या हो सकते हैं। सूत्रों की माने तो कुछ साल पहले 16 -17 परिवार मेरठ से शेखपुर खिचरा आए थे और इसके बाद आसपास के क्षेत्रों में रहने लगे। सभी अलग-अलग मोहल्लों में किराये के मकानों में रह रहे थे। ये लोग यहां फैक्टरियों में मजदूरी करने या कूड़ा बीनने का कार्य करते हैं। पहले भी खुफिया एजेंसियों द्वारा यहां कार्रवाई की जा चुकी है। पूर्व प्रधान के घर से दो साल पहले दो रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से पुलिस ने फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए थे।
ये आरोपी किए गिरफ्तार -
जन्नतउल्ला (35), अयास (18), फ़य्याज(20), रियास (18) जफर आलम (58), दिल मोहम्मद (44), नबी हुसैन (हुसन) (58), समसुल (18), अजीमुल्ला (18), नूर मोहम्मद (30), मोहम्मद रफीक(40), नूर आलम(56), रुकवान (32) समेत तीन नाबालिग शामिल हैं।