हापुड़। जिले में प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। दिवाली से पहले ही प्रदूषण पिछले रिकॉर्ड तोड़ रहा है। शुक्रवार को एक्यूआई 390 दर्ज किया गया। पूरे दिन आसमान में धुंध छाई रही और लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया। आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कतों के कारण लोग सडक़ पर मास्क पहने दिखाई दिए। ऐसी स्थिति के कारण जिले के अस्पतालों में 29 लोग अस्थमा के अटैक के चिन्हित किए गए।
हापुड़ की वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। शुक्रवार को धुंध के साथ हापुड़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 390 पहुंच गया है। मौसम में बदलाव का मुख्य कारण आसपास के राज्यों में जल रही पराली और मौसम में बदलाव के साथ बढ़ रही धुंध को बताया जा रहा है। शुक्रवार को दिन में वातावरण में धुंध छाई रही और लोग मजबूरी में सड़कों पर मास्क लगाकर निकले। आंखों में जलन, गले में खरास आम बात रही। घरों में भी हाल बेहाल रहा। मौसम विज्ञानी डा. अशोक कुमार का कहना है कि फिलहाल स्थिति में सुधार की संभावना नहीं है। दिवाली से पहले और इसके बाद प्रदूषण बढ़े रहने की पूरी संभावना है।
आखिर कब होगी ग्रैप के तहत कार्रवाई -
हापुड़ में एक्यूआई ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के नियमों के तहत कार्रवाई की जानी थी। इसे एक अक्तूबर से जिले में भी लागू कर दिया गया था। एनजीटी के अन्य नियमों का भी सख्ती से ही पालन कराया जाना था। इसके तहत खुले में कूड़ा जलाने पर नगर पालिका 25 हजार तक जुर्माना वसूल सकती है। इसके अलावा खुले में बिल्डिंग मैटेरियल का सामान डालने जैसी लापरवाही पर भी कार्रवाई होनी थी। वाहनों के साइलेंसर धुएं उगल रहे हैं और निर्माण सामग्री खुले में पड़ी हुई है। लेकिन सब आदेशों को दरकिनार किया जा रहा है।-
अस्थमा के आए 29 मरीज
सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि प्रदूषण के बढ़ने से तीन दिन के अंदर जिले के सरकारी अस्पतालों में 29 नए अस्थमा के मरीज चिन्हित किए गए हैं। इन मरीजों पर अस्थमा का अटैक आयाहै, जबकि इससे पहले 120 से अधिक पुराने मरीजों की समस्याएं भी बढ़ गई हैं। दमघोटू हवा में इन मरीजों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। ऐसे लोग घरों के अंदर ही रहें, मुहं पर मास्क आदि लगाकर बाहर निकलें।
कोट -
प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसकी पूरी निगरानी की जाएगी। -संदीप कुमार, एडीएम, हापुड़।