संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। सरकार गांवों में अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कराने के आदेश दे चुकी है। जिनमें राशन की दुकान का संचालन होगा। राशन कार्ड धाराओं को खाद्य सामग्री के अलावा अन्य सामान भी मिल सकेगा। इसका निर्माण मनरेगा के बजट से किया जाना है। तहसील क्षेत्र में 24 भवनों का निर्माण होना है, लेकिन अभी तक ग्राम पंचायतों में बजट नहीं होने से इन भवनों का निर्माण ठंडे बस्ते में चला गया है।
अन्नपूर्णा भवन में कोटेदार राशन भंडारण के साथ सीएससी (कम्यूनिटी सर्विस सेंटर) का भी संचालन कर सकेंगे। इसका लाभ गरीब लोगों को मिलेगा। शासन स्तर से पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय योजना के तहत राशन का वितरण कराया जाता है। जो भी कोटेदार हैं, वह या तो अपने घर या अपनी निजी जगह या फिर किराए पर दुकान लेकर राशन का वितरण करते हैं। इन दुकानें में इतनी जगह नहीं होती, जहां राशन कार्ड धारक सही ढंग से खड़े हो सकें। कार्ड धारकों को दुकान के बाहर खड़े होकर ही राशन लेना पड़ता है। इससे उन्हें सभी मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के तहत कोटे की दुकान पर राशन पहुंचाने का आदेश है। कई कोटेदारों की दुकानें संकरी गलियों में होने से वहां तक राशन से भरा वाहन नहीं पहुंच पहुंच पाता। इससे इन कोटेदारों को भी इस व्यवस्था का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। इसे देखते हुए सरकार द्वारा कोटेदारों को सरकारी भवन मुहैया कराने के आदेश जारी किए हुए हैं। इसके लिए ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कराया जाना है। तहसील क्षेत्र में प्रथम चरण में 24 भवनों का निर्माण होना है, लेकिन मनरेगा का बजट नहीं होने से इन भवनों का निर्माण ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। हालांकि चार भवनों में काम शुरू कर दिया गया है।
इस प्रकार से बनेगा अन्नपूर्णा भवन
अन्नपूर्णा भवन बनाने के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में जहां जमीन मिल गई है, वहां पर स्टोर के लिए दो चैंबर बनाए जाएंगें। एक चैंबर में सरकारी राशन का भंडारण होगा। इसे फूड ग्रेन स्टोर नाम दिया जाएगा, जबकि दूसरे चैंबर में कोटेदार सीएससी और जनरल स्टोर का संचालन भी कर सकेंगे। अन्नपूर्णा स्टोर के बन जाने से कई तरह की समस्याएं दूर हो जाएंगी। इसके अलावा अनाज रखने की बेहतर सुविधा होगी। साथ ही कार्डधारकों के बैठने व पीने के पानी आदि की व्यवस्था होगी। आम आदमी यहां बिजली का बिल जमा कर सकेगा तो सीएससी के माध्यम से सरकारी योजनाओं का भी लाभ उठा सकेगा। इसके अलावा कोटेदार राशन वितरण के साथ रोजमर्रा की वस्तुओं के बेचने की भी अनुमति होगी।
कोटेदार बदल सकते हैं, पर दुकान नहीं
कई बार कम राशन का वितरण समेत अन्य आरोप लगने के बाद कोटेदार को बदल दिया जाता है। ऐसे में कई बार राशन की दुकान बदल जाती है। राशन की दुकान अब अन्नपूर्णा स्टोर के रूप में विकसित होने पर के बाद कोटेदार के बदलने के बाद भी स्थान परिवर्तन नहीं होगा। इससे कार्डधारकों को भी राहत मिलेगी। उन्हें राशन लेने के लिए इधर-उधर की भागदौड़ से निजात मिल जाएगी।
ये रोजमर्रा के मिलेंगे सामान
इन स्टोरों से गेहूं-चावल और चीनी के अलावा, तेल, घी, नमकीन, पैक किए गए सूखे मेवे, डिब्बाबंद मिठाई, दूध पाउडर, बच्चों के कपड़े, होजरी, राजमा, सोयाबीन, क्रीम, धूपबत्ती, कंघी, शीशा, झाडू, हैंगर, डिटर्जेंट पाउडर, बर्तन धोने वाला बार, इलेक्ट्रानिक सामान, दीवार घड़ी आदि सामान मिलेंगे। अन्नपूर्णा स्टोर के जनसुविधा केंद्र से आय, जाति, जन्म, निवास प्रमाणपत्र, आधार, पेंशन व अन्य सेवाएं मिलेंगी। जनरल स्टोर में पांच किलोग्राम वाले एलपीजी सिलिंडर, ई-स्टांप, अग्निशमन यंत्र के अलावा माइक्रो एटीएम, बीसी सखी आदि की सेवाएं भी मिलेंगी।
- यह बोली अधिकारी
सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत में अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कराकर वहां से राशन वितरण कराने के आदेश दिए गए है। तहसील क्षेत्र में 24 भवनों को तैयार किए जाने का प्लान तैयार किया गया है। ग्राम पंचायतों में अभी मनरेगा का बजट नहीं होने से काम रुका हुआ है। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर भवनों के काम में तेजी लाने का कार्य किया जाएगा।- प्रीति गुप्ता क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी
(संवाद)