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‘मैं भारत का संविधान हूं लाल किले से बोल रहा हूं’

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धौलाना। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी कविता पाठ के जरिए राजनीति से लेकर देश की दुर्दशा पर कड़े प्रहार किए। सम्मेलन का शुभारंभ कार्यकारी निदेशक दुष्यंत कुमार सूद ने किया। सूद ने हिंदी के महत्व और उसकी व्यापकता पर प्रकाश डाला। प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिओम पंवार ने ‘मैं भारत का संविधान हूं लाल किले से बोल रहा हूं’ कविता पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाई। आगरा से आए हास्य कवि प्रताप फौजदार, , हास्य कवि डॉ. प्रवीण शुक्ला , डॉ. अनिल चौबे , चितौड़गढ़ की कवयित्री दीपिका माही , ऊंचाहार के कवि महेश चंद्र गुप्त ने रचनाएं सुनाईं। अपर महाप्रबंधक पंकज कुमार ने स्वागत किया। इस मौके पर हुई प्रतियोगिता के विजेता बच्चों प्रिया, मोनिका, नजमा सैफी, जूली रानी, शना सैफी, सुल्तान अंसारी, शिवम, सरफराज आदि को पुरस्कृत किया गया। एनटीपीसी अपर महाप्रबंधक मानव संसाधन अजीत कुमार ओझा ने स्वागत किया। समारोह में जागृति समाज की अध्यक्षा रेखा सूद आदि मौजूद रहे।
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