संवाद न्यूज एजेंसी
पिलखुवा। शहर से लेकर गांव तक आवारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। शहर में आवारा कुत्ते ज्यादा खूंखार हो गए हैं। रोजाना लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पबला रोड स्थित सीएचसी और रेलवे रोड स्थित पीएचसी के अभिलेखों के अनुसार सोमवार से शनिवार तक 319 लोग एंटी रैबीज की वैक्सीन लगवा चुके हैं। हालांकि यह सभी लोग कुत्ता काटे जाने वाले नहीं हैं। इनमें बंदर, कुत्ता, छिपकली समेत अन्य के शिकार लोग शामिल हैं।
पबला रोड स्थित सीएचसी के प्रभारी डॉ.शेखर सिंह ने बताया कि रोजाना दोनों अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए 50 से 55 लोग पहुंचते हैं। शहर में बंदर और आवारा कुत्तों का आतंक तेजी से बढ़ रहा है।
लोगों ने नगर पालिका के अधिकारियों से बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। शहरवासियों की माने तो सभी मोहल्लों एवं कॉलोनियों में घूम रहे लगभग साढ़े तीन हजार से अधिक आवारा कुत्ते रोजाना किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। कुत्तों के डर से लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। बच्चे मकान के बाहर सड़क पर नहीं खेल पा रहे हैं। यहां तक कि लोगों ने आने वाले रिश्तेदारों से फल और मिठाई लेकर नहीं आने को बोला है। कुत्तों के झुंड सड़कों पर बैठा रहता है, व्यक्ति के हाथ में कुछ भी खाने का सामान दिखाई देने पर हमला कर देता है।
इन मोहल्लों में ज्यादा है आतंक
आवारा कुत्तों का रजनी बिहार, गढ़ी, सद्दीकपुरा, रमपुरा, छिद्दापुरी, पुरा, शिवाजी नगर, भोलापुरी, पैंदापुरी, मोदीनगर बस स्टैंड, डबरिया, शुक्लान समेत अन्य मोहल्लों में आवारा कुत्तों का आतंक ज्यादा है।