गढ़मुक्तेश्वर। कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर में झड़ीना नहर पटरी पर संदिग्ध अवस्था में 19 बंदरों की मौत हुई है। जहां पर एक प्लास्टिक के कट्टे में गुड़ भी बरामद हुआ है। जिसको खाने से बंदरों की मौत होने की संभावना जताई जा रही है। मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस टीम ने मृतक बंदरों के शवों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरु कर दी है।
सोमवार की सुबह में नहर पटरी पर भ्रमण के दौरान कुछ लोगों ने करीब सात सौ मीटर के क्षेत्र में बंदरों के शव पड़े देखे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वनक्षेत्राधिकारी करन सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सोमवीर सिंह और डिप्टी सीवीओ डॉ. रजंन सिंह ने घटना स्थल का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस और वन विभाग की टीम की मदद से मृत अवस्था में मिले 19 बंदरों के शवों को कब्जे में लिया। वहीं बंदरों के शव के पास मिले गुड़ को भी वन विभाग टीम ने कब्जे में लिया है। प्रथम दृष्टया प्रतीत हो रहा था कि किसी ने गुड़ में जहर मिलाकर बंदरों को खिलाया है। हालांकि यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। दौरान बंदरों के शव को देख उनके बच्चे शवों के पास बैठकर चीख पुकार करते दिखाई दिए। क्षेत्र निवासी रोनू, विपिन, अरुण त्यागी ने बताया कि गढ़ और ब्रजघाट क्षेत्र में कई वर्षों से बंदर रहते हैं। लेकिन इतनी संख्या में पहली बार बंदरों के शव देखने को मिले हैं।
वन दरोगा ने दर्ज कराया मुकदमा
बंदरों की मौत के मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित की गईं है। साथ ही वन दरोगा की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ वन्य जीव सरंक्षण अधिनियम के मुकदमा दर्ज कराया है। - करन सिंह, वनक्षेत्राधिकारी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी मौत की पुष्टि
19 बंदरों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। जिसके बाद बिसरे को बरेली आईवीआरआई में जांच के लिए भेजा जाएगा। प्रयोगशाला में जांच होने के बाद बंदरों की मौत की पुष्टि हो सकेगी। - डॉ. रंजन सिंह, डिप्टी सीवीओ