संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। जिले को गुजरात से डीएपी उर्वरक की रैक आवंटित हो गई है। मालगाड़ी से संभवत सोमवार को 1600 एमटी डीएपी हापुड़ पहुंच जाएगी। बफर गोदाम में सिर्फ 1100 टन डीएपी ही बची है, जो पर्याप्त नहीं है। ऐसे में रैक आने से खाद का संकट नहीं रहेगा। बफर गोदाम में 9 हजार टन यूरिया भी उपलब्ध है।
शनिवार को यूरिया की रैक हापुड़ पहुंची थी, जिसे समितियों और नकद बिक्री केंद्रों पर आवंटित करा दिया गया। गेहूं बुवाई का समय चल रहा है, इस दौरान डीएपी उर्वरक की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। कई जिलों में डीएपी का भारी संकट है, लेकिन हापुड़ अभी इससे बच रहा है। इसका बड़ा कारण है कि हापुड़ से मांग दो जिलों की भेजी जाती है, जिस कारण जल्द रैक आवंटित होती है।
वैसे तो खाद केंद्रों पर डीएपी उपलब्ध है, करीब 1100 टन स्टॉक उपलब्ध है। लेकिन डिमांड अधिक होने के कारण यह ज्यादा दिन नहीं चलेगी। जिस कारण अधिकारियों ने पहले ही रैक की डिमांड कर दी थी। गुजरात से डीएपी की रैक आवंटित हो गई है, जो सोमवार को हापुड़ पहुंचेगी।
जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि किसानों को उर्वरकों की किल्लत नहीं रहेगी। यूरिया की रैक आ चुकी है, डीएपी की रैक भी संभवत सोमवार को आ जाएगी।