संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने महज तीन महीने के अभियान में हापुड़ डिवीजन के अंदर 1352 से अधिक चोरियां पकड़ी हैं, जिन्हें नोटिस जारी कर पांच करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। पिछले तीन सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल के तीन महीने में ही तीन गुना से अधिक चोरियां पकड़ी जा चुकी हैं।
वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कारण चैकिंग अभियान रोक दिया गया। ऐसे में जमकर बिजली की चोरियां हुई, लाइनलॉस 40 फीसदी के भी पार पहुंच गया। इसके बाद विधानसभा चुनाव के कारण अधिकारी नरमी बरतने लगे। मार्च 2022 में नई सरकार के गठन के साथ ही बिजली चोरी रोकने का अभियान बड़े स्तर पर शुरू हुआ।
इसका बड़ा कारण यह भी है कि हापुड़ से सटे मेरठ की दक्षिणी सीट से विजेता सोमेंद्र तोमर जो वर्तमान में ऊर्जा राज्यमंत्री भी हैं, वह खुद ही अभियानों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अब महज तीन महीने के अंदर ही 1352 बिजली चोरों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें जुर्माना की राशि पांच करोड़ से भी अधिक है।
बड़ी बात यह है कि कोरोना से पहले भी एक साल में बामुश्किल 800 से 900 बिजली चोरी के नोटिस जारी होते थे। हापुड़ शहर के दिल्ली रोड बिजलीघर के बुलंदशहर रोड वाले फीडरों पर अभी भी लाइनलॉस 35 फीसदी से अधिक चल रहा है।
-तीन साल में हापुड़ डिवीजन से जारी किए गए नोटिस की स्थिति-
वर्ष बिजली चोरी के नोटिस
२०२० ३८२
२०२१ ४९५
२०२२ १४९७
२०२३ १३५२ (०८ जुलाई तक)
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने कहा कि की चोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीओ, अवर अभियंताओं के कार्रवाई के सख्त आदेश दिए गए हैं। लाइनलॉस कम करने के लिए बिजली चोरी रोकनी होगी। नोटिस जारी किए जा रहे हैं।