हापुड़। बृहस्पतिवार तड़के ब्रजघाट से गंगाजल लेकर परिजनों के साथ दिल्ली लौट रहे 11 वर्षीय कांवड़िये दीपांशु उर्फ प्रिंस को तेज रफ्तार पिकअप ने टक्कर मार दी, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा करीब तड़के 3.15 बजे नए हाईवे-9 पर बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ। इससे गुस्साए परिजन ने हंगामा किया। किसी तरह पुलिस ने उन्हें समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
दिल्ली के कल्याणपुरी खिचड़ीपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता कांवड़ लेने के लिए स्कूटी पर सवार होकर ब्रजघाट आए थे। उनके साथ उनका 11 वर्षीय पुत्र दीपांशु तथा भांजा विशु भी था। राजेंद्र गंगाजल लेकर वापस लौट रहे थे। बृहस्पतिवार की तड़के वह नए हाईवे पर झिलमिल ढाबे के पास पहुंचे। पिता के अनुसार वे स्कूटी लेकर आगे-आगे चल रहे थे, जबकि दीपांशु उनसे कुछ कदम पीछे चल रहा था। इसी बीच पीछे से आई एक पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी चालक गाड़ी समेत फरार हो गया। सूचना पर दिल्ली से परिजन भी मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। जबकि पुलिस को हादसे के डेढ़ घंटे बाद सूचना मिली। दो घंटे तक शव सड़क पर ही पड़ा रहा। मौके पर एसपी अभिषेक वर्मा, एएसपी मुकेश चंद मिश्र पुलिस बल के साथ पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
दो बहनों का इकलौता भाई था दीपांशु
परिजनों ने बताया कि दिल्ली निवासी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता की तीन बच्चे हैं। जिसमें से दीपांशु सबसे छोटा था जबकि दो पुत्री हैं। हादसे के बाद मौके पर दीपांशु की दोनों बहने भी पहुंच गई, उनका रो-रो कर बुरा हाल था।
रूट से हटकर नए हाईवे पर पहुंच गए थे राजेंद्र
पुलिस-प्रशासन ने कांविड़ियों के लिए पुराना हाईवे आरक्षित कर रखा है। जबकि नए हाईवे पर वाहनों की आवाजाही जारी है। लेकिन राजेंद्र प्रसाद रात में भटककर नए हाईवे की ओर चले गए। जबकि पुलिस पुराने हाईवे पर तैनात थी। हालांकि कांवड़ियों का नए हाईवे की तरफ मुड़ना पुलिस की लापरवाही है।
पुलिसकर्मियों द्वारा वीडियो बनाने पर हुआ हंगामा-
हादसे के बाद पुलिस को डेढ़ घंटे तक सूचना नहीं मिली, जबकि दिल्ली से मृतक के अन्य परिजन भी मौके पर पहुंच गए और विलाप शुरू हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस के पहुंचने पर लोगों ने हंगामा कर दिया। इस दौरान शव को सड़क से हटाने के लिए पुलिसकर्मी वीडियो बनाने लगे, जिससे परिजन और अधिक भड़क गए।
कोट -
एएसपी मुकेश चंद मिश्रा ने बताया कि परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी थी। घटना के काफी देर बाद किसी राहगीर की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बच्चे का पोस्टमार्टम कराकर शव को दिल्ली भेज दिया गया। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। उसे जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।