हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश एमपी- एमएलए कोर्ट ने दहेज की मांग पूरा न होने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सौरभ रुहेला ने बताया कि गांव खडख़ड़ी, हापुड़ निवासी गोपाल सिंह पुत्र बटटू सिंह ने थाना बहादुरगढ़ में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि उसने अपनी पुत्री रितु की शादी तीन मार्च 2012 को सुनील पुत्र रणवीर सिंह निवासी गांव लुहारी थाना बहादुरगढ़ जिला हापुड़ के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति सहित सुसराल पक्ष के अन्य लोग उसकी पुत्री से और दहेज लाने की मांग कर रहे थे। जिसको लेकर सुसराल पक्ष के लोग उसकी पुत्री के साथ मारपीट भी करते थे। जिसके चलते ही पति सुनील व अन्य लोगों ने 22 नवंबर 2017 की रात्रि को उसकी पुत्री की हत्या कर दी। पुलिस ने पति सुनील व एक अन्य आरोपी देवेंद्र के खिलाफ दहेज हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही थी। उनके द्वारा न्यायालय में मजबूत पैरवी की गई है। जिसके चलते उनके द्वारा अभियोजन पक्ष की तरफ से कई गवाह न्यायालय में पेश किए। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कई बड़े साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश कमलेश कुमार ने मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने पति सुनील को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 75 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले के अन्य आरोपी देवेंद्र की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी।