संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। दिल्ली रोड पर एचपीडीए द्वारा विकसित प्रीत विहार कॉलोनी में बिना मूलभूत सुविधाएं दिए ही लोगों से विकास शुल्क वसूला जा रहा है। दो साल का दस हजार रुपये तक शुल्क वसूलने के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। जबकि कॉलोनी में न तो पानी की व्यवस्था है, सड़कें टूटी पड़ी हैं, पार्कों में घास उगी हैं।
आनंद विहार और प्रीत विहार को न्यू हापुड़ कहा जाता है, बड़े इंवेस्टमेंट और शोरूम भी इन्हीं क्षेत्रों में बनाए जा रहे हैं। लेकिन जिस उद्देश्य से प्रीत विहार को बसाने की कवायद शुरू हुई थी वह परवान नहीं चढ़ सकी है। प्राधिकरण के आवासीय योजना में बने भवन रिसेल में आकर जर्जर हो चले हैं। इन्हें रहने के बजाए मुनाफा कमाने का जरिया बना लिया गया है।
जिन लोगों ने प्राधिकरण से प्लाट लिए उन्होंने अपने घर बना लिए, लेकिन सुविधा के नाम पर उन्हें कुछ नहीं मिल रहा। प्रीत विहार की सड़कों में गहरे गड्ढे बने हैं। पार्कों की साफ सफाई नहीं होने से जहरीले कीड़े पैदा हो रहे हैं। इतना ही नहीं पानी सप्लाई के लिए बनी टंकी भी शोपीस बनी है।