महोबा। शहर के ऐतिहासिक कीरत सागर तट पर चल रहे महोबा महोत्सव की दूसरी शाम बुंदेली लोकसंगीत के नाम रही। ठुमरी गायन व राई नृत्य से कलाकारों ने बुंदेली संस्कृति की झलक बिखेरी।
जिले के 28वें स्थापना दिवस पर आयोजित महोबा महोत्सव में पांच दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बुंदेली कॉमेडियन हिमालय यादव उर्फ हरिया और उनकी टीम ने शानदार प्रस्तुति दी। जिसे देखकर दर्शक लोटपोट हो गए। झांसी से आईं गायिका माहीराज ने फिल्मी गीत रहे न रहे हम, लग जा गले और ये मोह-मोह के धागे की प्रस्तुति देकर शमा बांध दिया। इसके बाद गायिका मौली गर्ग ने तेरे वास्ते मेरा इश्क सूफियाना और सजदा गीत सुनाकर लोगों को अपनी जगह पर झूमने पर मजबूर कर दिया।
देश व प्रदेश में प्रख्यात ठुमरी गायक समीर भालेराव ने सूफी और ठुमरी मिक्स गीत तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी, मोहब्ब्त की राहो में आकर के देखो सुनाकर अपनी सुरीली आवाज से सभी आकर्षित किया।
मेरे रश्के कमर, थोड़ी सी जो पीली है चोरी तो नहीं की है जैसे गीत सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रविवार की दोपहर बेसिक शिक्षा विभाग से आयोजित कार्यक्रम में कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय गंज के छोटे-छोटे बच्चों ने देशभक्ति गीत मां तुझे सलाम की प्रस्तुति देकर लोगों में देशभक्ति का जज्बा भरा। इसके बाद छात्रा रोहिणी, प्रतीक्षा व राधिका ने राई नृत्य के माध्यम से जिले का बखान किया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय रजौनी की छात्रा रोहिणी, प्रियंका, सोनम, नेहा आदि ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नाटक का शानदार मंचन किया। इस मौके पर डीएम मनोज कुमार, एडीएम रामप्रकाश, सीडीओ चित्रसेन सिंह, एसडीएम पीयूष जायसवाल, सीओ रामप्रवेश राय, कोतवाल बलराम सिंह, अपर्णा नायक आदि मौजूद रहे।