भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज की 39 पंचायतों के लोगों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए अब मेडिकल कॉलेज हमीरपुर या निजी लैबों में नहीं जाना पड़ेगा। सिविल अस्पताल भोरंज में ही मरीजों के अल्ट्रासाउंड पहले और तीसरे वीरवार को हुआ करेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने गलोड़ अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी सिविल अस्पताल भोरंज में प्रतिनियुक्ति पर लगाई है। विभाग ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है।
सिविल अस्पताल भोरंज में छह माह से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे थे। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण लोगों को अस्पताल में लगी आधुनिक एवं नई अल्ट्रासाउंड मशीन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। क्षेत्र के लोगों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए हमीरपुर और अन्य निजी लैबों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। अब छह माह बाद विभाग ने लोगों को राहत प्रदान करते हुए दो दिन के लिए चिकित्सक डेपुटेशन पर भेजने की अधिसूचना जारी की है। अस्पताल में प्रतिदिन 400 के करीब ओपीडी है। इनमें से करीब 30 से 40 मरीजों को अल्ट्रासाउंड लिखे जाते हैं।
ऐसे में पहले यह मरीज हमीरपुर अस्पताल जाकर अल्ट्रासाउंड की तिथि डलवाते हैं और उन्हें एक या दो माह बाद अल्ट्रासाउंड के लिए बुलाया जाता है। ऐसे में मरीजों खासकर गर्भवतियों को हमीरपुर के लगने वाले चक्करों से राहत मिलेगी और भोरंज में ही अल्ट्रासाउंड होंगे। पंचायत प्रधान संघ भोरंज के प्रधान अजय चंदेल, व्यापार मंडल भोरंज के प्रधान सुभाष ठाकुर, पंचायत प्रधान पूजा देवी, गीता देवी, विनोद कुमार का कहना है कि छह माह से अल्ट्रासाउंड नहीं होने के चलते लोगों को परेशानी हो रही थी। अब माह में दो बार अल्ट्रासाउंड होने से लोगों को कुछ राहत मिलेगी।
उन्होंने स्थानीय विधायक कमलेश कुमारी का आभार व्यक्त किया है और साथ ही मांग की है कि माह में दो बार के बजाय यह सुविधा अधिक दिन के लिए उपलब्ध हो। इस संबंध में बीएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया का कहना है कि अल्ट्रासाउंड के लिए नई अधिसूचना जारी हुई है। अब माह में पहले और तीसरे वीरवार को भोरंज में अल्ट्रासाउंड हुआ करेंगे। गलोड़ अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट डेपुटेशन पर आएंगे।