राठ (हमीरपुर)। खेतों में भरे बारिश के पानी को निकालने जा रहे बाइक सवार दो किसान विरमा नदी के रपटा पर पानी के तेज बहाव में बह गए। करीब 200 मीटर दूर दोनों झाड़ियों में जाकर फंस गए। जानकारी होने पर परिजन वहां से निकालकर सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के रौरो गांव निवासी मानसिंह राजपूत ने बताया गुरुवार सुबह आठ बजे उनके भतीजे धर्मराज राजपूत (28) गांव के ही ज्ञानसिंह श्रीवास (32) के साथ खेतों में भरे बारिश का पानी निकालने गए थे। बताया कि पानी भरने से खेत की मेड़ टूट जाती है। विरमा नदी के रपटे पर पानी के तेज बहाव में बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। दोनों रपटे से बहते हुए नदी के गहरे पानी में समा गए। करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में फंस गए। मछुआरों की सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला। परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां डॉ. सत्येंद्र यादव ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
एक सप्ताह पहले भी बाइक सवार दो लोग इसी रपटे में बह गए थे। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से उनकी जान बचाई थी। बाइक 12 घंटे बाद पानी में मिली थी।
23 जून की सुबह नगर के पठानपुरा मोहल्ला निवासी प्रदीप कुमार व करन सिंह रौरो गांव अर्जुन सिंह की शादी में शामिल होने जा रहे थे। रपटे पर तेज बहाव में दोनों बाइक सहित बह गए थे। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला। पानी का बहाव कम होने के कारण देर शाम उनकी बाइक मिली। एक सप्ताह में दूसरी घटना होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है पुल न होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं। शासन व प्रशासन से मांग के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मृतक धर्मराज बड़े भाई बीरेंद्र कुमार के साथ खेती करता था। मौत पर पत्नी कल्पना, पुत्र हर्ष (6) व पुत्री राशि (3) का रो रो कर बुरा हाल है। मृतक ज्ञानसिंह अपने पीछे मां सुशीला, पत्नी दयावती, पुत्री नेत्रा (5) व ढाई वर्ष के पुत्र आदर्श को रोता बिलखता छोड़ गया है।